कोरबा :- फिल्म देखने जाने की मामूली बात को लेकर हुए विवाद में पति ने पत्नी की हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के लिए कमरे में आग लगा दी। इस जघन्य हत्याकांड में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार नन्दे की अदालत ने करीब एक साल बाद फैसला सुनाते हुए आरोपी पति अभिनेक कुमार लदेर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार आरोपी अभिनेक और मृतका सुषमा खुसरो की जान-पहचान 2023 में हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध था। 5 अगस्त 2024 को दोनों ने बिलासपुर के आर्य समाज में आर्य समाज पद्धति से शादी कर ली और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गोकुल नगर, कोरबा में किराये के मकान में पति-पत्नी के रूप में रहने लगे।
घटना 22 जुलाई 2025 की है। सुबह करीब 9-10 बजे सुषमा ने अभिनेक से निहारिका टॉकीज में फिल्म देखने चलने की बात कही। इसी बात पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद अभिनेक सुबह 11 बजे केनरा बैंक ट्रांसपोर्ट नगर में काम के लिए चला गया। दोपहर करीब 3 बजे जब वह वापस घर लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांककर देखा तो कमरे से धुआं निकल रहा था। पड़ोस से सीढ़ी लगाकर बालकनी के रास्ते अंदर गया तो देखा कि पत्नी का शव आग से बुरी तरह जल चुका था।
अभिनेक ने उसी दिन थाना सिविल लाइन रामपुर में एएसआई विमलेश उरांव को पत्नी की आकस्मिक मृत्यु की सूचना दी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान अभिनेक के बयान बार-बार बदलने और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस को उस पर संदेह हुआ। हिरासत में पूछताछ पर उसने अपराध कबूल कर लिया।
विवेचना में खुलासा हुआ कि दोपहर 1 से 3 बजे के बीच विवाद के बाद अभिनेक ने पत्नी के मुंह-नाक को तकिए से दबाकर दम घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए कमरे में कागज और कपड़े इकट्ठा कर आग लगा दी। पुलिस ने 24 जुलाई को एफआईआर दर्ज कर 26 जुलाई को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

