रायपुर,दुर्ग, बलरामपुर, जगदलपुर, एमसीबी :- रक्षाबंधन भाई-बहन के उस रिश्ते का पर्व, जिसमें एक धागे में प्यार, भरोसा और जिंदगी भर साथ निभाने का वादा बंधा होता है. लेकिन जब यही राखी जेल की सलाखों के पीछे बैठे भाई की कलाई पर बंधे, तो भावनाएं और भी गहरी हो जाती हैं. छत्तीसगढ़ के अलग अलग सेंट्रल जेल में आज कुछ ऐसा ही भावुक नजारा देखने को मिला. सुबह से ही बहनों की कतार लगी रही. किसी के हाथ में राखी थी, तो किसी की आंखों में भाई से मिलने की खुशी और बिछड़ने का दर्द.
रायपुर के सेंट्रल जेल में बहनों की भीड़
दरअसल छत्तीसगढ़ की सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए. जेल के बाहर काउंटर लगाकर बहनों का पहचान पत्र के जरिए पंजीयन किया गया और इसके बाद उन्हें बारी-बारी से जेल के अंदर प्रवेश दिया गया. बड़े हॉल में बंदियों को शिफ्ट के अनुसार बैठाया गया, जहां बहनों ने अपने भाइयों के सामने बैठकर उनकी कलाई पर राखी बांधी. किसी ने भाई को मिठाई खिलाई, तो किसी ने जिंदगी की नई शुरुआत करने का वादा लिया.
रायपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी रक्षाबंधन के मौके पर रायपुर के सेंट्रल जेल में बंदी भाइयों को राखी बांधने के लिए बहने यहां पहुंची हुई है. इसके साथ ही जो महिला बंदी है उनके भाइयों को भी राखी बंधवाने की अनुमति दी गई है. रायपुर के सेंट्रल जेल में काफी संख्या में पुरुष बंदी हैं. इस वजह से पुरुष बंदी के बहनों की संख्या भी बहुत ज्यादा है. जिसको देखते हुए सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. राखी बांधने के लिए बहन सुबह 8:00 बजे से पहुंची हुई है. दोपहर 3:00 बजे तक इनका रजिस्ट्रेशन होगा. इन सभी लोगों को अंदर जाने की अनुमति होगी. जो अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगे.”
दुर्ग सेंट्रल जेल में भी बहनों की लाइन
वैसे तो जेल प्रशासन के द्वारा सुबह 8:00 बजे से दोपहर 3:00 तक का समय राखी बांधने के लिए रखा गया है. इस समय तक जितनी भी बहनों का रजिस्ट्रेशन होगा. उन्हें जेल के अंदर जाकर अपने भाइयों को राखी बांधने की अनुमति है. हजारों की तादाद में बहनें अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल परिसर में पहुंची. इस दौरान उन्हें घंटों इंतजार करके अपनी बारी का इंतजार भी करना पड़ रहा है. वहीं मुलाकात के दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं.
वहीं जेल अधीक्षक मनीष संभाकर के मुताबिक करीब 1700 बहनें अब तक पहुंच चुकी थीं. महिला बंदियों से मिलने उनके भाई भी पहुंचे. जेल में महिला और पुरुष बंदियों को मिलाकर करीब 2400 बंदी हैं. सुबह 7:30 से शाम 5 बजे तक मुलाकात का समय रखा गया है और करीब 5000 लोगों के पहुंचने का अनुमान है. दूर-दराज से आने वाली बहनों को समय निकलने के बाद भी मुलाकात का अवसर देने की व्यवस्था की गई.सुरक्षा के लिए महिला गार्ड अंदर और पुरुष पुलिस बल बाहर तैनात रहा. मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी. बहनों द्वारा लाई गई मिठाइयों की भी जांच के बाद ही उन्हें बंदियों तक पहुंचाया गया.
रामानुजगंज जिला जेल में रक्षाबंधन
रक्षाबंधन पर रामानुजगंज जिला जेल में अपने भाईयों को राखी बांधने के लिए सुबह से ही बहनें पहुंचीं. बहनें अपने भाइयों से मिलने के बाद भावुक नजर आईं. शंकरगढ़ से जेल में बंद भाई को राखी बांधने पहुंची ज्योति मिंज ने कहा,”जेल प्रशासन के तरफ से रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए विशेष सुविधा दी गई. भाई से मिलकर अच्छा लगा. ऐसे माहौल में मिलने के बाद इमोशनल हो जाते हैं.
केंद्रीय जेल जगदलपुर में मनाया गया रक्षाबंधन
जगदलपुर में जेल में बंद भाइयों की कलाई में भी बहनों ने राखी बांधी है. बहन प्रीति मलिक ने बताया कि इस साल जेल में आकर रक्षाबंधन मना रहे हैं. उम्मीद करते हैं कि भाई जल्दी जेल से रिहा हो और ऐसी गलती दोबारा ना करे, जिसके कारण उन्हें जेल आना पड़े. बहन रानी विश्वास ने कहा कि काफी दुख है और उम्मीद करते हैं कि आने वाले सालों से इस तरह नहीं बल्कि अपने घर में खुशी से रक्षाबंधन का त्यौहार मना सकें. जेलर अक्षय तिवारी ने बताया कि जेल मुख्यालय के आदेश अनुसार हर वर्ष की बात भांति इस वर्ष भी केंद्रीय जेल जगदलपुर में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जा रहा है.
एमसीबी के उप जेल में राखी का पर्व
एमसीबी जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ स्थित उप जेल में भाई-बहन के अटूट रिश्ते की भावुक तस्वीर देखने को मिली. जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनें सुबह से ही उप जेल पहुंचने लगीं. जेल प्रबंधन की ओर से विशेष मुलाकात व्यवस्था की गई. उप जेलर संजय कुमार के नेतृत्व में बहनों के लिए आरती की थाल सहित आवश्यक इंतजाम किए गए. सुरक्षा जांच के बाद बहनों को अपने भाइयों से मुलाकात की अनुमति दी गई और उन्हें पर्याप्त समय दिया गया, ताकि वे बातचीत के साथ विधि-विधान से राखी बांध सकें. रक्षाबंधन पर कई बहनों के चेहरों पर भाई से मिलने की खुशी नजर आई, तो लंबे समय बाद राखी के अवसर पर हुई मुलाकात ने माहौल को भावुक कर दिया.

