बिलासपुर : स्कूल बंद कर फालूदा पार्टी करना शिक्षकों को महंगा पड़ गया है। वायरल VIDEO के आधार पर बीईओ मस्तूरी ने प्राचार्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामला बिलासपुर के मस्तूरी ब्लाक का है, जहां शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में अनुशासन और जिम्मेदारी की जगह लापरवाही का नज़ारा सामने आया है। मस्तूरी ब्लॉक के लोहर्सी हाई स्कूल के प्रिंसिपल सी.आर. कश्यप पर आरोप है कि उन्होंने स्कूल का समय खत्म होने से पहले ही विद्यार्थियों को छुट्टी दे दी और स्वयं शिक्षकों के साथ चिल्हाटी चौक पर फालूदा पार्टी का आनंद लेते दिखे।
वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद स्थानीय पत्रकार जब स्कूल पहुंचे तो मामला सही पाया। स्कूल का निर्धारित समय शाम 4 बजे तक है, लेकिन प्रिंसिपल ने इसे करीब 3 बजे ही बंद करा दिया। वापसी के रास्ते में पत्रकारों ने प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ को चिल्हाटी चौक पर फालूदा खाते हुए कैमरे में कैद किया। यह वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, पूरे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
ग्रामीणों और अभिभावकों में गुस्सा
इस घटना को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि स्कूल के मुखिया से ही जब इस तरह की लापरवाही होगी तो शिक्षकों और छात्रों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई में अनुशासन और जिम्मेदारी जरूरी है, लेकिन जब खुद प्रिंसिपल इस तरह का रवैया अपनाते हैं तो शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ना तय है।
प्रिंसिपल की सफाई
मामले के तूल पकड़ने पर प्रिंसिपल सी.आर. कश्यप ने सफाई दी। उन्होंने कहा—“बच्चे किसी कार्यक्रम में मस्तूरी गए थे। 3:20 से 4 बजे तक खेल-कूद का समय होता है, इसलिए मैंने स्कूल बंद कर दिया और निकल गया।”हालांकि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है। बच्चों के न होने पर भी स्कूल का समय पूरा करना जिम्मेदारी है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई
वीडियो सामने आने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने प्रिंसिपल कश्यप को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच के बाद कार्रवाई तय होगी।
