जगदलपुर:- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बस्तर पहुंच गई हैं. सबसे पहले वे दंतेश्वरी मंदिर पहुंचीं जहां देवी दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद वे मुरिया दरबार में शामिल हो रही हैं.
इस तरह है राष्ट्रपति का पूरा कार्यक्रम
शक्तिपीठ दंतेश्वरी मंदिर में पूजा के बाद सिरहसार भवन में आयोजित मुरिया दरबार में राष्ट्रपति शामिल होंगी. इसके बाद लालबाग मैदान में बस्तर दशहरा पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर आम सभा में शामिल होंगी. इसके अलावा बस्तर के मांझी चालकी के साथ भोजन करने का भी कार्यक्रम है.
नो ड्रोन फ्लाइंग जोन
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था है. 600 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है. सिरहासार भवन और लालबाग मैदान के आयोजन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. कार्यक्रम स्थल के आसपास नो ड्रोन फ्लाइंग जोन एरिया भी घोषित किया गया है. साथ ही कई मार्गों को डाइवर्ट भी कर दिया गया है. लालबाग मैदान में 3 बड़े बड़े डोम शेड हैं.
क्या है मुरिया दरबार
मुरिया दरबार 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरे में एक प्रमुख रस्म है. मुरिया दरबार को एक पारंपरिक आदिवासी सभा या ‘आदिम जन संसद’ माना जाता है. रथ परिक्रमा के बाद मुरिया दरबार रस्म की अदायगी की जाती है. मुरिया दरबार केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं है. बल्कि बस्तर के मूलनिवासी समाज की आवाज, परंपरागत शासन व्यवस्था और जनसमस्याओं को सामने रखने की ऐतिहासिक परंपरा है.
इसकी खासियत यह है कि यहां बस्तर के विभिन्न क्षेत्रों से आए मांझी, चालकी, मेम्बर, मेम्बरीन, मुखिया और अन्य परंपरागत प्रतिनिधि अपनी बात रखते हैं, जहां जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है. तत्काल निर्णय भी लिया जाता है. यह दरबार इसीलिए भी खास है क्योंकि इसमें न केवल क्षेत्र की समस्या सुनी गई थी. बल्कि तत्कालीन राजा को भी सजा सुनाई गई थी.
