बिलासपुर :- सीपत थाना क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी स्ट्राइक की है। ग्राम खांडा में मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी करते हुए सीपत पुलिस ने एक महिला को अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब बनाते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में निर्मित शराब और उसे बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी ने क्षेत्र के शराब माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है।
ग्राम खांडा में लंबे समय से अवैध शराब के निर्माण की खबरें आ रही थीं, जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम ने छापामार कार्रवाई की। मौके पर अंजनी सिदार नामक महिला को कच्ची शराब उतारते हुए पकड़ा गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने 110 लीटर अवैध महुआ शराब जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22,000 रुपये बताई जा रही है। शराब के साथ-साथ भट्ठी में इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम के बर्तन, पाइप और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं। वही सीपत पुलिस इस अवैध कारोबार से बनाए है संपत्ति की जांच कर रही है जिसमें भी बड़ी कार्रवाई निकल कर सामने आ सकती है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ आबकारी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इस पूरी कार्रवाई ने जहाँ पुलिस की कार्यप्रणाली की साख बढ़ाई है, वहीं एक गंभीर यक्ष प्रश्न भी खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि अवैध शराब और नशे के कारोबार को रोकना क्या केवल पुलिस विभाग का ही दायित्व है? वह आबकारी विभाग, जिसका प्राथमिक कार्य ही शराब के अवैध व्यापार और निर्माण पर लगाम कसना है, वह अक्सर इन मामलों में नदारद नजर आता है। यह बेहद चिंताजनक विषय है कि जिस विभाग को जमीन पर उतरकर ऐसी गतिविधियों को जड़ से मिटाना चाहिए, उसकी निष्क्रियता के कारण पुलिस को अपने मूल कार्यों के अतिरिक्त इन मोर्चों पर भी जूझना पड़ रहा है।

