सागर:- आज के समय में लुटेरी दुल्हन की कई घटनाएं सामने आते रहती है। इस तरह के मामलों के पीछे एक सोची-समझी साजिश या एक संगठित गैंग काम करता है। वहीं, एक ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के सागर जिले के जैसीनगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां शादी के नाम पर धोखाधड़ी की गई है। महुआखेड़ा पेगवार गांव में एक लुटेरी दुल्हन के महज तीसरे दिन ही नकदी और लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था विवाह
दरअसल, जैसीनगर थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा पेगवार निवासी 36 वर्षीय नोनीराम पटेल ने पुलिस को बताया कि पहली पत्नी के निधन के बाद वह दोबारा विवाह करना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कंदेला निवासी रामनारायण दुबे से हुई, जिसने छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी निवासी रुक्मणी चतुर्वेदी से शादी कराने का भरोसा दिलाया। इसके बदले में उसने 1 लाख 20 हजार रुपये लिए। 19 जून को दोनों की सागर में कोर्ट मैरिज कराई गई और अगले दिन मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ।
पीड़ित के मुताबिक, शादी के दौरान लुटेरी दुल्हन रुक्मणी के साथ ओडिशा निवासी अरविंद विभार भी मौजूद था, जिसे उसने अपना जीजा बताया था। लेकिन शादी के तीसरे दिन, 21 जून की रात रुक्मणी घर से 30 हजार रुपये नकद, करीब आधा किलो चांदी की करधोनी, लगभग ढाई सौ ग्राम चांदी की पायल और एक मंगलसूत्र लेकर फरार हो गई। सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो वह घर में नहीं थी। तलाश के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि देर रात एक कार गांव में आई थी और उसमें सवार युवक घर का पता पूछ रहा था। फोटो दिखाने पर ग्रामीणों ने उसकी पहचान शादी में आए अरविंद विभार के रूप में की। पीड़ित की शिकायत पर जैसीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

