नारायणपुर: अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता मिली है. 53वीं वाहिनी आईटीबीपी और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान के दौरान 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी, देसी रॉकेट लॉन्चर, मोर्टार राउंड और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है. बम निरोधक दस्ते ने मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई.
31 मार्च 2026 को बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज होने के बाद भी अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक अब भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बने हुए हैं. इन्हीं खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं.
आईटीबीपी और छत्तीसगढ़ पुलिस का सर्च ऑपरेशन
खुफिया सूचना के आधार पर 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट संजय कुमार के मार्गदर्शन में 7 जुलाई 2026 की सुबह अड़िंगपार कैंप से ग्राम एडसमेटा और आसपास के जंगलों की ओर विशेष एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग (ADP) अभियान शुरू किया गया. सहायक कमांडेंट (जीडी) आजाद सिंह के नेतृत्व में निकले इस संयुक्त अभियान में आईटीबीपी के 34 जवान, छत्तीसगढ़ पुलिस का एक प्रतिनिधि और पांच सदस्यीय बम निरोधक दस्ता (BDDS) शामिल था. सुबह लगभग 5 बजे शुरू हुई सर्चिंग के दौरान निर्धारित स्थान पर जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री मिली.
15 किलो का आईईडी किया डिफ्यूज
सबसे खतरनाक बरामदगी 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी रही, जिसे सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाया गया था.स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नियंत्रित विस्फोट के माध्यम से आईईडी को मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया.
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने एक स्थानीय स्तर पर निर्मित रॉकेट लॉन्चर, 16 देशी 51mm मोर्टार राउंड, 5 देशी 84 mm रॉकेट लॉन्चर राउंड, 10 देशी 40×46 mm बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) राउंड, .303 राइफल के 8 कारतूस और 4 सामरिक पाउच भी बरामद किए. बरामद सामग्री से स्पष्ट है कि नक्सली सुरक्षा बलों पर बड़े हमले की तैयारी में थे.
पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने अत्यधिक सतर्कता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया. अभियान सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद शाम लगभग 4:30 बजे सभी जवान सुरक्षित अड़िंगपार कैंप लौट आए. बरामद हथियारों और विस्फोटकों को नियमानुसार जब्त कर आगे की जांच की जा रही है.

