महासमुंद:- छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में खनिज विभाग अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है. विभाग का मैदानी अमला सक्रियता के साथ निगरानी एवं जांच अभियान संचालित कर रहा है. इसी कड़ी में महासमुंद में खनिज विभाग को बड़ी सफलता मिली है.
सुबह सुबह केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की टीम का छापा
केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय खनिज विभाग की संयुक्त टीम सुबह सुबह महासमुंद जिले में औचक निरीक्षण करने पहुंची. निरीक्षण के दौरान महासमुंद जिले की पिथौरा तहसील अंतर्गत ग्राम बल्दीडीह स्थित जोंक नदी में रेत का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा था. मौके पर पहुंचे खनिज अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की, और रेत खदान से संबंधित दस्तावेज मांगे.
चेन माउंटेन मशीन, हाइवा और ट्रैक्टर जब्त
जांच के दौरान संबंधित पक्षों द्वारा स्वीकृत रेत खदान क्षेत्र के बाहर उत्खनन, चेन माउंटेन मशीनों से खनन और हाइवा एवं ट्रैक्टरों से परिवहन के संबंध में कोई वैध अनुमति, आदेश, अभिवाहन पास अथवा अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं दिखा पाए. जिसके बाद खनिज विभाग ने कार्रवाई करते हुए 2 चैन माउंटेन मशीनें, 03 हाइवा और 04 ट्रैक्टर जब्त किया.
इस दौरान मौके पर ही अवैध रेत खनन कार्य बंद कराया गया. खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत दोनों मशीनों को जब्त कर सील किया गया. आगामी आदेश तक मशीनों को खदान मुंशी के सुपुर्द किया गया है. साथ ही संबंधित खदान संचालक को नोटिस जारी कर तामील कराया गया. जब्त हाइवा और ट्रैक्टर को पुलिस थाना साकरा की अभिरक्षा में थाना परिसर में खड़ा कराया गया है.
नदियों में रेत खनन से नुकसान
रेत खनन से भूजल स्तर में गिरावट नदियों से अत्यधिक मात्रा में रेत खनन करने से भूजल स्तर प्रभावित हो सकता है. रेत एक प्राकृतिक स्पंज की तरह काम करती है, जो बारिश के पानी को जमीन के अंदर जाने में मदद कर भूजल स्तर मैंटेन कर रखती है. नदियों से ज्यादा मात्रा में रेत निकालने से भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर जाता है.

