रायपुर :- तेलीबांधा थाना क्षेत्र में विंग कमांडर विपुल यादव की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए उनकी पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने अर्जिता पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत मामला कायम किया है। इस कार्रवाई के बाद मामला और अधिक गंभीर हो गया है और अब पुलिस हर पहलू से जांच में जुट गई है।
यह मामला 10-11 मार्च 2026 की रात का है, जब 39 वर्षीय विंग कमांडर विपुल यादव का शव उनके सरकारी आवास में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला था। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना गया था, लेकिन घटना के बाद से ही परिजनों ने लगातार उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। परिजनों का कहना था कि विपुल लंबे समय से मानसिक तनाव में थे और इसकी मुख्य वजह पारिवारिक प्रताड़ना थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर यह पाया गया कि विपुल यादव को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी के चलते उनकी पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ धारा 306 के तहत FIR दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं, यदि जांच में अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं।
विंग कमांडर के मामा सुरेंद्र यादव ने अंतिम संस्कार के दौरान मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया था कि विपुल हमेशा तनाव में रहते थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष ने उनके जीवन पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे थे। यहां तक कि उन्हें अपने माता-पिता से बात करने की भी अनुमति नहीं थी। घर में निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए थे और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। इन परिस्थितियों ने विपुल को मानसिक रूप से काफी परेशान कर दिया था।
तेलीबांधा थाना प्रभारी अजय झा ने इस मामले में FIR दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी पत्नी से जल्द ही पूछताछ की जाएगी और उसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच बेहद संवेदनशीलता के साथ की जा रही है और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

