बलरामपुर :- जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां समय पर इलाज नहीं मिलने से एक पिता और उसकी चार वर्षीय मासूम बेटी की मौत हो गई। डंभाटोली गांव में जहरीले सांप के डसने के बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराते रहे। इलाज में हुई देरी दोनों के लिए जानलेवा साबित हुई और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। लखनपुर में भी एक 13 वर्षीय बालिका की मौत सांप के काटने से हुई है।
रात में बिस्तर पर चढ़ा जहरीला सांप
जानकारी के अनुसार, शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम डंभाटोली निवासी शनिचरा पैंकरा (36 वर्ष) अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ जमीन पर सो रहे थे। सोमवार देर रात करीब 12 बजे एक जहरीला सांप बिस्तर पर चढ़ गया और उसने शनिचरा तथा उसकी 4 वर्षीय बेटी महंती को डस लिया। कुछ देर बाद शनिचरा की नींद खुली तो उसने बिस्तर पर सांप देखा। इसके बाद पिता और बेटी दोनों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी।
अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक
परिजनों ने तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में झाड़-फूंक का सहारा लिया। इस दौरान कई घंटे बीत गए। सुबह करीब 4 बजे हालत गंभीर होने पर दोनों को शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने 4 वर्षीय महंती को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर हालत में शनिचरा पैंकरा को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

