कवर्धा:- 8 अक्टूबर से जिलेभर के किसान अपनी 23 सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम कर रहे थे. भारतीय किसान संघ के आंदोलन को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किसानों के साथ बड़ी बैठक की. बैठक में ये तय हुआ कि सरकार किसानों की चार प्रमुख मांगों को मानेगी. सरकार के फैसले के बाद भारतीय किसान संघ ने आंदोलन को खत्म कर दिया है. चक्काजाम खत्म होने से जहां लोगों को राहत मिली है, वहीं किसान भी अब अपने खेतों में लौट गए हैं. आंदोलन से जुड़े किसानों का कहना है कि जबतक बाकी मांगें भी पूरी नहीं हो जाती, तबतक वो सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे.
गन्ने की कीमत 329 से बढ़ाकर 425 रुपये
बैठक में गन्ने की खरीदी दर 329 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने पर सहमति बनी है. इससे गन्ना उत्पादक किसानों को प्रति क्विंटल 96 रुपये पहले से ज्यादा मिलेंगे. इसके साथ ही कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार अनुदान देने, धान खरीदी केंद्रों में तौल की मात्रा 41.500 किलो से घटाकर 40.700 किलो करने तथा बिजली के निजीकरण की योजना पर रोक लगाने जैसे मुद्दों पर भी सहमति बैठक में बनी है.
किसान आंदोलन स्थगित, चार मांगों पर सहमति
सीएम और डिप्टी सीएम के साथ हुई बैठक में मांगों पर सहमति बनने के बाद किसान संघ ने फिलहाल चक्काजाम और आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की. 23 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन के दौरान किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ कवर्धा पहुंचकर शहर के पांचों प्रवेश द्वारों पर चक्काजाम किया था, जिससे प्रशासन के सामने यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई थी.

