दुर्ग : पलक झपकते मोबाइल लूटकर फरार होने वाले शातिर गैंग को दुर्ग पुलिस ने पकड़ लिया है। ये गैंग पता पूछने या किसी अन्य काम से सामने वाले को रोकता था और फिर मोबाइल छिनकर फरार हो जाता था। आरोपितों ने जिले के देहात क्षेत्र पाटन, रानीतराई, उतई के अलावा सीमा के जिले रायपुर के अभनपुर, बलौदाबाजार के सिमगा, गरियाबंद के राजिम और धमतरी के भखारा में भी वारदातेें की है। अमलेश्वर पुलिस ने एक शातिर मोबाइल लूटने वाले गिरोह के चार बदमाशों व तीन खरीदारों को गिरफ्तार किया है। गिरोह में एक अपचारी बालक भी शामिल है।
एसपी डा. अभिषेक पल्लव ने बताया कि रानीतराई थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से हुए मोबाइल लूट की घटना की जांच के दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज मिला था। जिसमें बाइक सवार तीन आरोपित इस घटना को अंजाम देकर भागते दिखे थे। वाहन के पंजीयन नंबर और हुलिये के आधार पर एक आरोपित की पहचान बजरंग पारा अमलेश्वर निवासी सागर निर्मलकर (20) के रूप में की गई। गिरफ्तार आरोपितों में ग्राम झीट निवासी आशीष देवांगन (30), ग्राम कट्टी अभनपुर जिला रायपुर निवासी खिलेश निषाद (20) और दुर्गा नगर अमलेश्वर निवासी हर्ष शिंदे (19) शामिल है। इनमें आरोपित आशीष देवांगन अमलेश्वर में मोबाइल की दुकान चलाता है।
मोबाइल लूटने के लिए अलावा आरोपितों ने एक महिला से चेन स्नेचिंग और हाउसिंग बोर्ड अमलेश्वर के एक सूने मकान में भी चोरी की थी। आरोपितों के पास से 35 मोबाइल, एक सोने की चेन, कान की बाली और घरेलू सामान जब्त किया गया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब साढ़े सात लाख रुपये आकी गई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपने साथी दुर्गा नगर अमलेश्वर निवासी आशीष देवांगन (20), शंकर सेठी (19) और एक अपचारी के साथ मोबाइल लूटने, एक महिला से चेन स्नेचिंग व बाली लूटने और हाउसिंग बोर्ड अमलेश्वर के एक सूने मकान में चोरी करने की बात स्वीकार की।
आरोपित सागर निर्मलकर इस गिरोह का सरगना है। लूट के मोबाइल को बेचने से मिलने वाले रुपयों में से वो एक एक हजार रुपये अपने साथियों को देता था और बाकि के रुपये खुद रख लेता था। आरोपितों ने छह महीने में 35 लोगों से मोबाइल लूटा था।
