रायपुर:- प्रवर्तन निदेशालय रायपुर के क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को PMLA, 2002 की धारा 17 के तहत छत्तीसगढ़ में छापे की कार्रवाई की है. ईडी ने राज्य के अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद में 8 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया .यह कार्रवाई भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के बदले अवैध रूप से मुआवज़ा प्राप्त करने के मामले में की गई.
लाखों के कैश और 37 किलो चांदी जब्त
इस तलाशी अभियान के दौरान 66 लाख 9 हजार रुपये कैश बरामद किए गए. इसके अलावा 37.13 किलोग्राम वज़न की चांदी की ईंटें और अन्य चांदी की वस्तुएं भी बरामद की गई. ईडी ने डिजिटल उपकरण और विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं.
ईडी ने किए चौंकाने वाले खुलासे
ED ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि PMLA, 2002 के तहत जांच तब शुरू की जब ACB/EOW रायपुर ने इस केस में एफआईआर दर्ज की थी. ईओडब्ल्यू और एसीबी ने अभनपुर रायपुर के तत्कालीन एसडीओ निर्भय साहू और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की थी. FIR में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके भारतमाला परियोजना में घोटाला किया है. आरोपियों ने रायपुर विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित सरकारी भूमि अभिलेखों में हेरफेर और जालसाज़ी करके अवैध रूप से मुआवज़ा प्राप्त किया.
मुआवजा राशि के लिए किया हेरफेर
ED की जांच में पता चला कि आरोपियों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों के साथ आपराधिक साज़िश रचकर, धोखाधड़ी से अतिरिक्त मुआवज़ा राशि प्राप्त किया. उन्होंने ऐसा तब किया जब NHAI रायपुर द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3A के तहत अधिसूचना जारी की जा चुकी थी. इसके बावजूद उन्होंने जानबूझकर भूमि का स्वामित्व हस्तांतरित किया और धारा 3D के तहत अधिसूचना जारी होने से पहले ही भूमि के कई छोटे-छोटे टुकड़े (होल्डिंग्स) बना लिए.

