दुर्ग:- फर्जी सिम कार्ड के जरिए संचालित संगठित धोखाधड़ी का पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है.
दुर्ग भिलाई पुलिस की जांच
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क कमीशन के आधार पर सिम कार्ड बेचकर अवैध आर्थिक लेन-देन को अंजाम दे रहा था. आयुष ताम्रकार ने नेवई थाना में शिकायत दर्ज कराई थी, कि उसके परिचित ने विश्वास में लेकर उसके नाम से सिम कार्ड जारी कराया और उसे वापस नहीं किया.
पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी टी भार्गव राव ने आयुष को मोबाइल दुकान ले जाकर उसके नाम पर सिम निकलवाया और खुद रख लिया. इसके बाद इस सिम को अन्य आरोपियों को ज्यादा कीमत पर बेचा गया, जिससे एक संगठित नेटवर्क तैयार हो गया.
फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क का खुलासा
इस नेटवर्क के जरिए सिम कार्ड का उपयोग अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जा रहा था. पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर 4 मई को चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं.
फर्जी सिम नेटवर्क का आरोपी फरार
पुलिस ने बताया कि इस अपराध का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ कमाना था. इस मामले में एक अन्य आरोपी फैजान कुरैशी फरार है, जिसकी तलाश जारी है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने नाम से सिम कार्ड या दस्तावेज किसी को न दें, अन्यथा वे भी कानूनी कार्रवाई में फंस सकते हैं.
