कोरबा:- मानसून के दौरान बारिश और जलभराव के कारण कोरबा शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्रों और अंदरूनी कॉलोनियों तक की सड़कों की स्थिति बेहद जर्जर हो गई है. कई प्रमुख मार्गों पर डामर उखड़ने और बड़े बड़े गड्ढे बन जाने के कारण राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के मौसम में जिन गढ्ढों में कीचड़ और पानी भर रहा था, अब वहां से धूल उड़ रही है, जिससे लोग परेशान हैं.
अच्छी खबर यह है कि इस गंभीर समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाने के लिए नगर पालिक निगम और शासन स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
कैबिनेट मंत्री ने कहा जल्द शुरू होगा काम
शहर की खराब सड़कों की स्थिति का संज्ञान लेते हुए कैबिनेट मंत्री एवं स्थानीय विधायक लखन लाल देवांगन ने इस दिशा में विशेष पहल की है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि मानसून सीजन और बारिश का दौर थमने के बाद, 15 अक्टूबर के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कों के डामरीकरण और विशेष मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया जाएगा. उनका दावा है की कागजी प्रक्रिया पूरी करने गई है, जल्द काम शुरू होगा.
लगभग 27 करोड़ रुपये का टेंडर जारी
सड़कों के कायाकल्प और सुधार के लिए नगर निगम द्वारा कागजी और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इसके अंतर्गत शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और अंदरूनी कॉलोनियों की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी किए गए हैं. प्रशासनिक नियमों के मुताबिक 15 अक्टूबर तक डामरीकरण और सड़क निर्माण कार्यों पर तकनीकी रोक रहती है, ताकि बरसात के मौसम में नए कार्य प्रभावित न हों. इस निर्धारित अवधि के तुरंत बाद निर्माण कार्य धरातल पर उतर जाएंगे.
शहरवासियों को मिलेगा गड्ढों और धूल से छुटकारा
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न वार्डों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने इस कार्य को प्राथमिकता पर रखा है. 15 अक्टूबर के बाद कार्य शुरू होने से शहर की प्रमुख सड़कों के साथ-साथ भीतरी कॉलोनियों के रास्तों की दशा सुधरेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा और लोगों को धूल-कीचड़ तथा गड्ढों भरी सड़कों से बड़ी राहत मिलेगी.

