सरगुजा:- स्वरंग स्कूल ने चार साल के मासूम बच्चे का एडमिशन लेने से इनकार किया, कारण बताया गया कि वो सरगुजिहा बोली बोलता है और इस कारण बड़े घर के बच्चे भी वैसे ही बोलने लगेंगे. अब स्कूल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्कूल बंद किया गया है.
कलेक्टर ने भी लिया संज्ञान
स्कूल प्रबंधन पर स्थानीय बोली के प्रति हीन भावना रखने का आरोप लगा. जिसके बाद सरगुजा के जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए. कलेक्टर सरगुजा अजीत वसंत ने भी मामले में संज्ञान लिया और त्वरित जांच के निर्देश दिए.
नोटिस के बाद स्कूल बंद, जुर्माना भी लगा
शुक्रवार को स्कूल को नोटिस दिया गया और अगले दिन शनिवार को जांच टीम के प्रतिवेदन पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को बंद करने का आदेश दे दिया है. इसके साथ एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.
बिना मान्यता के चल रहा था
जांच के दौरान बड़ी बात सामने आई कि बिना किसी मान्यता के ही स्वरंग एकेडमी संचालित था. अवैध रूप से संचालित स्कूल पहले तो मामले को ही झूठा बता रहा था. शुक्रवार को स्कूल की प्रिंसिपल ने बयान जारी कर पूरे आरोप को निराधार बताया था लेकिन जब शिक्षा विभाग की टीम जांच में पहुंची तो अपनी गलती उन्होंने स्वीकार की है.
इस तरह हुई पुष्टि
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने बताया कि कलेक्टर महोदय के निर्देश पर एक जांच टीम गठित की गई थी. उसमें चार पांच सहायक संचालक और प्राचार्य रैंक के अधिकारी थे. उनकी एक रिपोर्ट आई और रिपोर्ट में जो तथ्य जो विवादित विषय था उसकी पुष्टि पाई गई. बच्चे के एडमिशन को डिनाई किया गया और जो एनईपी के नॉर्म्स हैं उसका वायलेशन भी हुआ.
बाकी स्कूलों की भी होगी जांच
साथ ही मान्यता विषयक जो त्रुटियां थी उसको देखते हुए 1 लाख का दंड लगाया गया है और उसकी मान्यता को भी स्थगित किया गया है. संचालन को भी स्थगित किया गया है. बाद में कभी यदि वो अपने नॉर्म्स को फुलफिल करेंगे तो उस पर विचार किया जाएगा. अन्य स्कूलों की भी जांच बिल्कुल होगी.

