गरियाबंद :- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम स्थित देवरी गांव में ऋषि पंचमी के अवसर पर ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच सांवरा समाज के लोगों ने पारंपरिक तरीके से शोभायात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान सांपों की पूजा-अर्चना की गई और वर्षों पुरानी परंपरा को निभाया गया।
जानकारी के अनुसार, ग्राम देवरी स्थित गुरु सांवरा पाठशाला में सालभर सर्पदंश के उपचार से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। समाज के लोगों के मुताबिक यह आयोजन कई वर्षों से लगातार हो रहा है।
पूजा और शोभायात्रा संपन्न होने के बाद सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ दिया जाता है।ऋषि पंचमी पर होने वाला यह पारंपरिक आयोजन क्षेत्र में आस्था और सांवरा समाज की विशेष परंपरा के कारण चर्चा का विषय बना रहता है।

