धमतरी:- किसानों के खेतों तक 12 महीने पानी पहुंचे इसके लिए हरदी गांव में चेक डैम का निर्माण कराया जा रहा है. वाटरशेड परियोजना के तहत इस चेक डैम का निर्माण किया जा रहा है. चेक डैम का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि पानी को रोकने के लिए बनाई गई इसकी दीवारें, पहले मानसून के प्रेशर को ही नहीं झेल पाई, नतीजा ये हुआ कि चेक डैम की दीवारें धाराशायी हो गईं.
हरदी गांव में बन रहा चेकडैम टूटा
हरदी गांव के किसानों ने बताया कि करीब 42 लाख की लागत से इस चैक डैम का निर्माण कराया जा रहा था, जो पानी में बह गया. ग्रामीणों की शिकायत है कि निर्माण कार्य में किसी तरह की गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया. गांव वालों का आरोप है कि जब भी वो ठेकेदार से चल रहे निर्माण कार्य को लेकर सवाल करते, तो ठेकेदार कहता कि आप अपना काम करो हम अपना काम कर रहे हैं.
पहले मानसून की मार नहीं झेल पाया चेकडैम
हरदी गांव के किसानों का आरोप है कि चेकडैम बनाने की जिसे जिम्मेदारी दी गई थी, उसने दूसरे को पूरा काम सौंप दिया. गांव वालों का आरोप है कि चेकडैम का निर्माण न तो इंजीनियरिंग तरीके से किया जा रहा था न ही गांव वालों की सलाह ही सुनी जा रही थी. ग्रामीणों का तो यहां तक आरोप है कि चेकडैम का निर्माण एक्सपर्ट राजमिस्त्री के बजाए मजदूर ही मनमाने तरीके से कर रहे थे. जिसकी वजह से ये चेकडैम निर्माण के शुरुआती दौर में ही पानी में बहकर बिखर गया.
”नींव में नहीं लगाए गए पत्थर और ज्यादा सीमेंट”
हरदी गांव के किसानों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया. चेकडैम की दीवारों को गहरी नींव नहीं मिली जिससे चलते डैम पानी के दबाव को नहीं सह पाया. ग्रामीणों का आरोप है कि जब निर्माण कार्य चल रहा था तब कभी भी इंजीनियर यहां नियमित रुप से नहीं आता था. इंजीनियर के मौके पर मौजूद नहीं होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ा.
निर्माण में गुणवत्ता और नियमों की अनदेखी का आरोप
हरदी गांव के पूर्व सरपंच ने निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि काम में तकनीकी मानकों का ध्यान नहीं रखा गया. उनका आरोप है कि मौके पर प्रशिक्षित राजमिस्त्री की जगह मजदूरों से ही निर्माण कराया गया और बगैर उचित नाप-जोख के काम को आगे बढ़ाया गया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चेकडैम के बेस और कंक्रीट के काम में भी गंभीर लापरवाही बरती गई. पूर्व सरपंच सोमनाथ साहू ने प्रशासन से जांच कराकर दोषी लोगों पर कार्रवाई और चेकडैम का नए सिरे से बनाने की मांग की है.
हरदी गांव में बन रहा था चेकडैम
हरदी के सरपंच मनोहर लाल ध्रुव के मुताबिक यह काम कृषि विभाग के अंतर्गत आता है और विभाग की ओर से मौके पर आने वाले इंजीनियर का कहना है कि निर्माण कार्य अभी जारी है, जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा. हालांकि सरपंच ने यह भी माना कि निर्माणाधीन चेकडैम के क्षतिग्रस्त होने से काम में देरी हुई है और यदि निर्माण में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है तो इसकी जांच जरूरी है.
