रायपुर:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हम बस्तर को पूरे देश के लिए एक मॉडल के तौर पर विकसित करेंगे. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री के संकल्प के कारण पूरे क्षेत्र से नक्सली का सफाया हो चुका है. नक्सली समाप्ति के बाद विकास को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है. आने वाले समय में इसका असर भी दिखेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने तय किया है कि बस्तर को पूरे देश में एक मॉडल के तौर पर बनाएंगे सबसे बेहतरीन बस्तर सबके सामने होगा.
बस्तर में बदल गई 500 गांव की हालत
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबको यह लगता था कि पता नहीं इस नक्सलवाद का समाधान कभी होगा कि नहीं अब समाधान कर पाने में हम लोग सफल हुए हैं. आप लोगों ने सुना भी होगा गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि बस्तर को पूरे देश का सबसे बेहतर आदिवासी संभाग बनाएंगे.
घर घर पहुंच रही सेवा
सीएम ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है. 40000 से ज्यादा लोगों का इलाज भी करवाया गया है. अग्रणी बस्तर अभियान के तहत हमारे अधिकारी वहां पर गांव-गांव जाकर. वहां पर जाकर राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जॉब कार्ड का निर्माण कर रहे हैं और बस्तर के विकास का सारा काम शासन के तरफ से हो रहा है. वहां पर पशुपालन को हम लोग बढ़ा रहे हैं. राष्ट्रीय डेरी बोर्ड से सरकार का समझौता हुआ है. वहां पर हम गाय लोगों को दे रहे हैं. मत्स्य पालन बढ़ा रहे हैं. हॉर्टिकल्चर को बढ़ा रहे हैं. हर्बल प्लांट की खेती को बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है. वहां के जो फॉरेस्ट प्रोड्यूस हैं, वहां के वैल्यू एडिशन को हम लोग आगे कर रहे हैं.
80 हजार हेक्टेयर तक पानी पहुंचाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां पर जो सुरक्षा कैंप खाली हो रहे हैं उसे हम सेवा केंद्र के तौर पर विकसित कर रहे हैं. अभी पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री जी के कर कमल से गुंडाधर का पहला सेवा डेरा हम लोगों ने प्रारंभ किया है. जिसमें सिलाई प्रशिक्षण का काम शुरू हुआ है. इमली पैकेजिंग का काम भी शुरू हुआ है. वहां पर ऑर्गेनिक चावल को देसी पद्धति से बनाने का काम शुरू हुआ है. पूरे 70 कैंप को सेवा डेरा में परिवर्तित करने का लक्ष्य है उसे क्षेत्र में खेती के भी लक्ष्य को हम बढ़ा रहे हैं इंद्रावती नदी पर दो सिंचाई योजना का भी काम चल रहा है देउरगाव और मटनार योजना को 2000 करोड़ के लागत से तैयार किया जा रहा है जिससे 80000 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होगी हमारा बस्तर जितना पीछे हुआ है हम उतना ही तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं और हमारा बस्तर उतना ही तेजी से आगे जाएगा.
बस्तर के गांवो के बदलने का होगा काम
318 प्रकार के विकास कार्यों से बदलेगी गांवों की तस्वीर ने कहा कि बीबीजी राम जी योजना में 318 प्रकार के कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है. इस योजना से बहुत काम बस्तर के इलाके में होगा. इनमें 107 प्रकार के जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य, 90 प्रकार के ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य, 86 प्रकार के आजीविका संवर्धन कार्य तथा 35 प्रकार के जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन संबंधी कार्य शामिल हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के अंतर्गत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, सिंचाई विस्तार, भू-जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और वृक्षारोपण को प्राथमिकता मिलेगी. वहीं ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, प्रयोगशाला, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम और पशु चिकित्सालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
ग्रामीण क्षेत्रों के 6,671 शासकीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए नए शौचालय बनाए जाएंगे
बालिकाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य (हाइजीन) और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 6,671 शासकीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए नए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा. सीएम ने राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी – मेरा अभिमान’ अभियान का भी शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव में बालिकाओं के शौचालय के साथ मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार का ऐतिहासिक कदम है.
286.85 करोड़ रुपए की लागत से होगा निर्माण
मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा. प्रत्येक शौचालय की लागत 4.30 लाख रुपए निर्धारित की गई है. इसी प्रकार प्रदेश के 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपए की लागत से प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम बनाए जाएंगे, जिनकी प्रति इकाई लागत 6 लाख रुपए होगी. इसके अतिरिक्त 18.22 करोड़ रुपए की लागत से 549 मुक्तिधामों का भी निर्माण किया जाएगा, जिनकी प्रति इकाई लागत 3.32 लाख रुपए निर्धारित की गई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10,027 बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा. प्रति इकाई लागत लगभग 52 हजार रुपए निर्धारित की गई है, इससे भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, वर्षा जल का बेहतर संरक्षण होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट कम करने में मदद मिलेगी. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए.

