कोरबा :- वनांचल क्षेत्र होने के कारण कोरबा में बरसात के मौसम में काफी मात्रा में स्नेक बाइट के मामले सामने आते हैं. जिले का 40 फीसदी हिस्सा समृद्ध वनों से घिरा है. इस मौसम में वातावरण में नमी और उमस बढ़ने से भोजन की तलाश में जहरीले कीट, सांप, बिच्छु अक्सर बिल से बाहर आते हैं. जिससे स्नेक बाइट का खतरा बढ़ जाता है.
स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त एंटी वेनम होने का दावा
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध होने का दावा किया है. लोगों से अपील भी की है कि सर्पदंश के मामले में तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निःशुल्क उपचार प्राप्त करें. जिससे सर्पदंश से असामयिक मृत्यु की रोकथाम हो सके. साथ ही ऐसे आपात स्थितियों पर क्षेत्र के आरएचओ या मितानिन से संपर्क कर सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को तत्काल समीपस्थ अस्पताल पहुंचाएं. सर्पदंश के बाद पीड़ित को तत्काल सही समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी होता है.
झाड़फूंक नहीं अस्पताल में करवाएं इलाज
स्नेक बाइट से अधिकांश व्यक्तियों की आकस्मिक मृत्यु तब हो जाती है. जब ग्रामीण सर्पंदंश के मामले में अज्ञानता के कारण बैगा गुनिया से झाड़ फूंक कराते हैं.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसएन केशरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सांप के काटने का एकमात्र इलाज अस्पताल में दिए जाने वाले एंटीवेनम से होता है.
सर्पदंश से बचने के लिए रखें इस तरह सावधानी
सर्पदंश से बचाव और इन घटनाओं में कमी लाने के लिए पर्याप्त रोशनी न होने की स्थिति में टॉर्च रखना, जूते पहनना सुनिश्चित करें.घरों में समुचित प्रकाश की व्यवस्था बनाए रखें. घर में कचरे का ढेर लगाकर न रखें. शयन कक्ष में भोजन सामग्री, धान न रखें. ताकि चूहे का आना कम हो. सर्पदंश की घटनाओं से न घबराएं अन्यथा हृदय गति बढ़ सकती है. सर्पदंश के शिकार व्यक्ति के लिए यह घातक साबित हो सकता है, जिससे विष शरीर में तेजी से फैल सकता है.
सर्पदंश वाली जगह के उपरी हिस्से को कपड़ा या रस्सी से न बांधे
अधिकांश परिस्थितियों में बेहद हानिकारक हो सकती है. सांप के काटने वाली जगह पर कुछ भी बांधने के पश्चात उपचार के लिए हटाए जाने पर विष का दुष्प्रभाव बढ़ सकता है. सर्पदंश से ग्रसित अंग के आसपास काटने, जलाने और हिलाने-डुलाने से शरीर के अन्य अंगो में विष का तीव्र संचार का खतरा बढ़ जाता है. सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति को त्वरित नजदीक के सामुदायिक स्वास्थय केंद्र या जिला चिकित्सालय पहुंचाएं.
प्रतिदिन औसतन स्नेक बाइट के पांच मामले
मानसून की शुरुआत होते ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 5 स्नेक बाइट के केस आते हैं. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी भी कर रखी है. प्रबंधन का दावा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में एंटी स्नेक वेनम मौजूद है. जानकार बताते हैं कि स्नेक बाइट के कुल मामलों में से केवल 10 फीसद मामले ही ऐसे हैं, जिनमें लोगों को जहरीले सांप डस लेते हैं. जबकि 90 फीसद सर्पदंश के मामलों में सांप जहरीले नहीं होते. लेकिन सांप काटने के बाद लोग डर जाते हैं. इससे उन्हें ज्यादा नुकसान होता है.
कोरबा में सापों की कई प्रजातियां मौजूद
कोरबा में लगातार सांपों के निकलने का सिलसिला जारी है. उसके बाद सांप का रेस्क्यू भी किया जा रहा है. कोरबा में कई जहरीले सांप पाए जाते हैं. इसलिए यहां सर्प मित्र लगातार कार्य में जुटे हुए हैं. दुनिया का सबसे जहरीला सांप किंग कोबरा भी कोरबा में मिलता है. सर्प मित्रों के अनुसार एक सीजन में लगभग 800 सांपों का रेस्क्यू किया जाता है . बरसात का सीजन शुरू होते ही फोन की घंटी लगातार बजने लगती है. कोरबा जिले में औसतन 800 से 1000 सांप का रेस्क्यू हर साल किया जाता है. जिसकी शुरुआत हो चुकी है.

