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ग्वालियर:- शहर के मुरार क्षेत्र में 65 वर्षीय बुजुर्ग को उसके ही समधी और बेटी के देवरों ने साथियों के साथ मिलकर पीट-पीटकर हत्या कर डाली। इन्हें मोहनपुर पुल के नीचे मिलने बुलाया, फिर समधी और बेटी के देवरों ने मिलकर बेरहमी से पीटा। इन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई।पहले बुजुर्ग की बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे, जब पिता अपनी बेटी की खुशियों की भीख मांगने इनके पास पहुंचा तो पिता को ही मौत के घाट उतार दिया। मृतक के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया है।
हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत डबका गांव के रहने वाले राजेंद्र पुत्र स्वर्गीय रतन सिंह गुर्जर, उम्र 65 वर्ष, की बेटी की शादी पुलंदर गुर्जर के बेटे अनिल गुर्जर से हुई थी। अनिल सीआइएसएफ में है और पोस्टिंग पर बाहर है। उसके पीछे पुलंदर, देवर रामू और सुनील द्वारा राजेंद्र की बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। शादी के कुछ समय बाद ही दहेज के लिए प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था। ससुर और देवर उसकी मारपीट करते थे, खाना तक नहीं देते थे। हद तो तब हो गई जब पति से जमीन का हिस्सा लेकर अलग होने की बात कही तो घर से ही निकाल दिया।
राजेंद्र ने इन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके चलते 20 फरवरी को मोहनपुर पुल के नीचे बुलाया गया। यहां पुलंदर गुर्जर, रामू गुर्जर, रामू का भाई सुनील गुर्जर, बादशाह गुर्जर, अरविंद गुर्जर, पिंटू व इनके साथ तीन अन्य युवक आए। इन लोगों ने पहले तो राजेंद्र के साथ धक्का-मुक्की की, फिर हमला कर दिया। सड़क पर पटककर बेरहमी से पीटा। फिर ये लोग भाग गए। राजेंद्र सीधे अस्पताल पहुंचे। यहां सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और इनकी शिकायत पर एफआइआर दर्ज की। राजेंद्र को अस्पताल से घर भेज दिया गया।रविवार को फिर उनकी तबीयत बिगड़ गई। जब अस्पताल ले गए तो डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
स्वजन का हंगामा, बोले-पुलिस ने पकड़े नहीं आरोपित
स्वजन ने राजेंद्र की मौत के बाद हंगामा कर दिया। इन लोगों का कहना था कि मारपीट के मामले में पुलिस ने सामान्य धाराओं में एफआईआर की, जबकि राजेंद्र को गंभीर चोट थीं। आरोपित खुले में घूम रहे थे। जैसे ही राजेंद्र की मौत हुई तो थाने से इन तक खबर पहुंच गई। इसके बाद आरोपित भाग गए।

