कोरबा:- शहर से लगे दादरखुर्द में कुत्तों के झुंड ने नोचकर एक 5 साल के मासूम की जान ले ली. हादसा तब हुआ जब गुरुवार की शाम बच्चा अकेले अपने घर लौट रहा था, इसी दौरान कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और पूरे शरीर पर नोचकर बुरी तरह से घायल कर दिया. कुत्तों के भौंकने और बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर पिता मौके पर पहुंचा, स्थानीय लोगों की सहायता से बच्चे को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है, लोग हैरान हैं. तो वहीं परिवार में 5 साल के मासूम की मौत से परिजन ग़म में डूब गए हैं.
जगन्नाथ यात्रा देखने जाने की थी तैयारी
पांच साल के मासूम का नाम प्रकाश पटेल है. दादर में अपने माता पिता के साथ रहते है. माता पिता रोजी मजदूरी का काम करते हैं. पिता किशोर ने बताया कि बच्चा शाम तक उनके पास ही था, जहां वे मजदूरी करते हैं. इसके बाद माता पिता ने उसे रथयात्रा देखने जाने के लिए तैयार होने घर भेज दिया. घर कार्य स्थल से कुछ दूरी पर ही है. इसी दौरान रास्ते में उसे कुत्तों ने घेर लिया और नोचने लगे, कुत्तों के भौंकने और चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर पिता मौके पर पहुंचे तो, कुत्ते उसे नोच रहे थे. कुत्तों से छुड़ाकर पिता ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच पाई. प्रकाश ने दम तोड़ दिया. कुत्तों ने प्रकाश के चेहरे, हाथ और गुप्तांग के आसपास बुरी तरह से काट लिया था. जिससे पूरा शरीर लहूलुहान हो गया था. प्रकाश पहली कक्षा का छात्र था, उसका एक भाई और एक बहन भी है.
दादर में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
इस हृदयविदारक हादसे के बाद दादर सहित पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है. आवारा कुत्तों के प्रति लोगों में गुस्सा है, लोगों का कहना है कि आसपास आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. वह अकेला पाकर बच्चों पर अटैक करते हैं. बच्चे कई बार गली मोहल्ले में खेलते हैं, इस दौरान उन पर असुरक्षा बनी रहती है. आवारा कुत्तों की बढ़ी हुई संख्या को नियंत्रित करते हुए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए.
रोज औसतन 20 नए मरीज, 50 इंजेक्शन
डॉग बाइट के सवाल पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट गोपाल सिंह कंवर कहते हैं कि कुत्ते काटने के मामले रोज आ रहे हैं. लगभग 20 नए मामले रोज आ रहे हैं और रिपीट बेसिस पर हम 50 इंजेक्शन रोज लोगों को लगा रहे हैं. कुत्ता काटने के बाद एक मरीज को कम से कम तीन डोज़ लगाना अनिवार्य होता है. जिसके कारण हम 50 इंजेक्शन हर रोज लगा रहे हैं. खासतौर पर शहरी क्षेत्र के आसपास के इलाकों में डॉग बाइट के आंकड़ों में लगातार हो रहा है.

