रायगढ़ : 5 साल की बच्ची के साथ जुल्म की इंतहा करने वाली शिक्षिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षिका आशा अग्रवाल के खिलाफ रायगढ़ के खरसिया पुलिस चौकी में मामला दर्ज किया गया था। महिला शिक्षिका पर धारा 342 IPC, धारा 75 किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। शिक्षिका को रिमांड के लिए पेश किया गया है।
जानकारी के मुताबिक शिक्षिका आशा अग्रवाल शासकीय शाला बासमुड़ा प्रधान पाठक है। मामला 20 अप्रैल की रात का है। शिक्षिका ने एक 4 साल की बच्ची को बुरी तरह से प्रताड़ित किया। उसने गोद लिए बच्ची को बाथरूम में 4 दिन तक बंद रखा। यही नहीं बच्ची को डराने के लिए बाथरूम की लाइट भी बंद कर दी। महिला की बर्बरता इतने में नहीं रुकी. उसने छोटी बच्ची को खाना भी नहीं दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने बच्ची का रेस्क्यू किया है। शिक्षिका आशा अग्रवाल की बर्बता की शिकायत पड़ोसियों ने बाल संरक्षण विभाग को दी।
इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से बच्ची को बाथरूम से निकाला गया और उसको चाइल्ड लाइन में भेज दिया गया है। शिक्षिका का पति ट्रांसपोर्टर है। बच्ची विश्रामपुर की रहने वाली है। उसके पिता ड्राइवर हैं। माता-पिता गरीबी के कारण बच्ची को पालने में असमर्थ थे, तो उन्होंने अपनी बच्ची को सरकारी स्कूल की टीचर आशा अग्रवाल को पालने के लिए दे दिया। गरीब माता-पिता ने सोचा था कि शिक्षिका के घर में रहकर उनकी बेटी का भविष्य बन जाएगा। वो पढ़ेगी-लिखेगी, उसे 2 वक्त का खाना और अच्छी जिंदगी मिलेगी।
लेकिन आरोपी शिक्षिका ने गरीब माता-पिता का फायदा उठाया और उन्हें आश्वासन देकर बच्ची को अपने साथ ले आई और उसे प्रताड़ित करना शुरू किया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपक डनसेना ने बताया कि आज से 9 साल पहले जब वे चाइल्ड लाइन में समन्वयक के पद पर पदस्थ थे, उस वक्त भी इसी शिक्षिका आशा अग्रवाल के घर से एक 6 साल की बच्ची को रेस्क्यू किया गया था। उनकी टीम ने बच्ची को रायगढ़ लाकर सुरक्षा दी गई थी। एक बार फिर 4 साल की मासूम इसी शिक्षिका के घर से रेस्क्यू की गई है।

