रायपुर : दिसंबर में विधानसभा में पारित आरक्षण विधेयक पर अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं पा रहा है। आज शुक्रवार को अचानक खबरें सामने आई कि राजभवन ने आरक्षण विधेयक को लौटा दिया है। इस खबर के बाद भाजपा और कांग्रेस के तमाम नेताओं की बयान भी सामने आ गए थे। अब यह खबर आ रही है कि राजभवन से आरक्षण विधेयक वापसी की खबर की कोई पुष्टि नहीं है। राजभवन ने इस खबर का खंडन करते हुए कहा कि विधेयक नहीं लौटाया गया है।
संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने अब कहा कि मीडिया के माध्यम से खबरें मिलने के बाद उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया की थी। प्रतिक्रिया को पुष्टि न माना जाए। इसका जवाब राजभवन ही दे पाएगा। बता दें कुछ देर पहले आरक्षण विधेयक वापसी की खबरें आने लगी थी जिस पर भाजपा सांसद सुनील सोनी, नेता संजय श्रीवास्तव, संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे और मंत्री कवासी लखमा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दे दी थी।
मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा था कि हमारे पास और विकल्प है। हम दोबारा विधेयक भेज सकते हैं। रविंद्र चौबे ने कहा था – बीजेपी आरक्षण विरोधी है। छत्तीसगढ़ की जनमत के आधार पर हमने ये विधेयक पारित किया था। 4 महीने बाद विधेयक लौटाने का क्या कारण है?

