त्योहारों का मौसम परिवार के साथ इकट्ठा होने, बाहर जाने और अपने पसंदीदा खाने का आनंद लेने का समय होता है. हालांकि, इस दौरान खान-पान की आदतों और दिनचर्या में होने वाले बदलावों का असर दिल की सेहत पर पड़ सकता है. मिठाइयों, तले-भुने स्नैक्स और जंक फूड का अधिक सेवन ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकता है. क्योंकि, इनमें अक्सर नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा बहुत अधिक होती है. इस तरह का भारी भोजन दिल पर काम का बोझ भी बढ़ा सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से ही कोई स्वास्थ्य समस्या है.
आकाश हेल्थकेयर सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक एवं यूनिट प्रमुख डॉ. अजय दुआ का कहना है कि चिंता इस बात की नहीं है कि हम कभी-कभी ज्यादा खा लेते हैं, बल्कि इस बात की है कि हम कितनी बार ज्यादा खाते हैं और हमारी अनहेल्दी आदतें कितने समय तक बनी रहती हैं. जश्न मनाने के लिए देर तक जागना, पूरी नींद न लेना, स्ट्रेस और फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ये सभी शरीर के नॉर्मल काम पर बुरा असर डाल सकते हैं. बिना हाइड्रेशन या आराम के घंटों शॉपिंग या ट्रैवल करने से डिहाइड्रेशन और थकान हो सकती है. जिसका दिल पर सीधा और गंभीर असर पड़ता है.
आप कितनी मात्रा में खाते-पीते हैं यह विशेष मायने रखता है
त्योहारों के मौसम में खान-पान की कोई एक तय सीमा नहीं होती है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी मात्रा में खाते-पीते हैं, आपकी खान-पान की आदतें कैसी हैं और आपकी सेहत की स्थिति क्या है. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपने पसंदीदा व्यंजनों का आनंद सीमित मात्रा में लें, पेट भर जाने पर खाना रोक दें, और भारी भोजन के साथ सब्जियां, फल व अन्य पौष्टिक चीजें शामिल करके संतुलन बनाए रखें. पर्याप्त पानी पिएं, 6 से 7 घंटे की नींद लें और अपनी दिनचर्या में नियमित शारीरिक गतिविधि को शामिल करें. इससे आपको अच्छी सेहत बनाए रखने में मदद मिलेगी.
किसे विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या दिल की बीमारी रही है, उन्हें इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. उन्हें अपनी दवाइयां नियमित रूप से लेते रहना चाहिए और अपनी सेहत की निगरानी के लिए डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए.
किन चेतावनी संकेतों नहीं करना चाहिए नजरअंदाज
इसके अलावा, कुछ चेतावनी संकेतों को पहचानना भी बहुत जरूरी है, जैसे कि सीने में दर्द, सांस लेने में असामान्य तकलीफ, ठंडे पसीने आना या अचानक चक्कर आना. इन लक्षणों को सिर्फ भारी भोजन के बाद होने वाली अपच या दिन भर की थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
त्योहारों का आनंद लेने के लिए दिल की सेहत से समझौता करने की जरूरत नहीं है. खान-पान के सही विकल्प चुनकर और एक संतुलित दिनचर्या अपनाकर, लोग त्योहारों का मजा भी ले सकते हैं और अपने दिल से जुड़े अनावश्यक खतरों को भी कम कर सकते हैं.
इन वजहों से दिल पर पड़ती है अधिक दवाब
दिल को यह नहीं पता होता कि कोई त्योहार चल रहा है. वह तो बस उस बोझ को महसूस करता है जो हम उस पर डाल देते हैं. दिवाली के बाद अक्सर एक जैसा ही पैटर्न देखने को मिलता है. देर रात भारी खाना, तला-भुना नाश्ता, मिठाइयां, शराब, नींद पूरी न होना, टहलने न जाना और कई बार तो डॉक्टर की दी हुई दवाइयां लेना भी भूल जाना. इसके साथ ही मेहमानों की खातिरदारी, यात्रा और खरीदारी का तनाव भी जुड़ जाता है, इन सब वजहों से दिल को सामान्य से कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. साल के इस समय में, ठंड और प्रदूषण स्थिति को और बिगाड़ देते हैं, जिससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है.
तो, कितना ‘बहुत ज्यादा’ है
इसका कोई तय बेंचमार्क नहीं है, लेकिन एक आसान सा नियम मददगार हो सकता है. जैसे कि थोड़ी मात्रा में मिठाई खाना ठीक है, लेकिन हर दिन एक साथ तीन सर्विंग खा लेना सही नहीं है. त्योहार के मौके पर भारी डिनर ठीक हो सकता है, लेकिन लगातार भारी डिनर खाने से दिल पर जोर पड़ता है. जिन लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, या पहले से दिल की कोई बीमारी है, उनके लिए ये लिमिट और भी सख्त हो जाती हैं.
त्योहार का आनंद लें, लेकिन अपनी दिनचर्या को न छोड़ें, जैसे कि…
धीरे-धीरे खाएं.
अपनी प्लेट का आधा हिस्सा सलाद या सब्जियों से भरें.
खाना खाने के बाद 20 मिनट तक टहलें.
पार्टी वाले दिनों में भी अपनी दवाइयाँ लेना न भूलें.
खूब पानी पिए .
शराब का सेवन सीमित रखें.
इन चेतावनी के संकेतों को कभी नजरअंदाज न करें
सीने में बेचैनी
सांस फूलना
अचानक पसीना आना
बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, या दर्द का हाथ या जबड़े तक फैलना
हो सकता है कि ये सिर्फ एसिडिटी के लक्षण न हों. तुरंत अस्पताल जाएं, क्योंकि एक-एक मिनट कीमती है. त्योहारों के मौसम में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है.

