गरियाबंद :- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक में ओडिशा बॉर्डर से सटे झोलाराव गांव में बुधवार को एक दिलचस्प और चौंकाने वाली घटना घटी। गांव के दो युवक प्रभु और कृष्णा मंगलवार की रात एक स्थानीय किसान के घर से खाद की दो बोरियां चुरा ले गए थे। लेकिन चोरी का राज ज्यादा देर तक छिपा न रह सका।
ग्रामीणों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। चोरी की दोनों बोरियां भी बरामद कर ली गईं। फिर गांव वालों ने कानून की अदालत की बजाय अपनी पारंपरिक और अनोखी सजा का रास्ता चुना।
दोनों चोरों के कंधों पर वही खाद की बोरियां लाद दी गईं। कमर में रस्सी बांध दी गई। फिर ढोल-नगाड़े की गड़गड़ाहट के साथ पूरे गांव में उनका जुलूस निकाला गया। पीछे-पीछे ग्रामीण चोरों की सार्वजनिक सजा का ऐलान करते हुए चल रहे थे। इस अनोखे जुलूस को देखने के लिए महिलाएं और बच्चे भी घरों से निकल आए थे। गांव की गलियों में ढोल की आवाज गूंज रही थी और लोग इस अनोखी सजा को देखने के लिए जमा हो गए थे।
घटना की जानकारी मिलते ही गौरगांव के सरपंच ने कहा कि उन्होंने वॉट्सएप ग्रुप पर फोटो-वीडियो देखे हैं, जिनमें ग्रामीण जुलूस निकालते दिख रहे हैं। हालांकि घटना के बारे में उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।यह घटना ग्रामीण इलाकों में चोरी जैसे अपराधों के खिलाफ गांव वालों की सामूहिक प्रतिक्रिया का एक उदाहरण बन गई है। झोलाराव गांव की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

