बेमेतरा : बेमेतरा जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र में 50 से अधिक गौवंशों की मौत का मामला सामने आया है.बताया जा रहा है कि हेमाबंद गांव में गौवंशों की भूख प्यास से तड़पकर मौत हुई है. इसके अलावा जिस जगह पर इन गौवंशों को रखा गया था वहां कई मवेशियों की हालत गंभीर है.गौवंश की खबर फैलते ही पूरे इलाके में भारी जन-आक्रोश फैल गया है.आक्रोशित ग्रामीणों और हिंदूवादी समेत पशु संरक्षण संगठनों ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी जाहिर की है. हिंदू संगठनों ने इस अव्यवस्था के लिए स्थानीय पंचायत प्रबंधन और पशुपालन विभाग को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं मामले को लेकर दोषियों के खिलाफ दाढ़ी थाना की पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है.
क्या है पूरा घटनाक्रम
आपको बता दें कि हेमाबंद निवासी दिलीप राय अपने निजी बाड़े में ग्रामीणों के गौवंशों को रखता है. इन मवेशियों की देखरेख के लिए 1200 प्रति मवेशी दिलीप राय ग्रामीणों से लेता है.लेकिन इसी बाड़े में साफ सफाई और अव्यवस्थाओं के कारण मवेशियों की मौत हुई है. ग्रामीणों के मुताबिक गौशाला के अंदर का नजारा बेहद भयावह था. चारों तरफ मवेशियों के कंकाल और शव बिखरे थे. पिछले कई दिनों से मवेशियों को खाने के लिए पैरा (चारा) का एक तिनका तक नहीं दिया गया था.
भीषण गर्मी और उमस के बीच पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी.कई गायों की भूख प्यास से कीचड़ में ही मौत हो गई.वहीं जीवित बचे मवेशी इतने कमजोर हो चुके हैं कि वे अपने पैरों पर खड़े होने की स्थिति में भी नहीं हैं.मौके पर पहुंचे गौसेवकों ने इस घटना को लेकर कड़ी निंदा की है. गौसेवक आदेश सोनी, हरीश चौहान, उमेश बिसेन, मनीष शुक्ला, रोमन पांडेय सहित ग्रामीणों ने मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति को देखा है. मामले में गौवंश के लिए तत्काल उचित व्यवस्था करने समेत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

