रायपुर:- इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में हुए पेपर लीक मामले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है. इस मामले में मुख्य आरोपी प्रोफेसर सहित 6 आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार किया है. जांच में पेपर लीक करने का हैरान करने वाला तरीका सामने आया है. आरोपी प्रोफेसर ने एंडोस्कोपी कैमरे से बंद लिफाफे को स्कैन किया था.
20 अगस्त को पेपर लीक का मामला सामने आया
DCP क्राइम एंड साइबर स्मृतिक राजनाला ने बताया कि 20 अगस्त को थाना तेलीबांधा में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एक पेपर लीक का मामला सामने आया था. बीएससी सेकंड ईयर के सेकंड सेमेस्टर का कीट विज्ञान विषय का पेपर लीक हुआ था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 100 से अधिक लोगों की पकड़ते हुए इन्वेस्टिगेशन चालू किया. जांच में भारती कॉलेज जो दुर्ग के प्रोफेसर का नाम सामने आया. टीम अलग-अलग जिलों में रवाना की गई, जो स्टूडेंट पेपर खरीदे उनको भी गिरफ्तार किया गया है. जो पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड प्रोफेसर है उन्हें भी गिरफ्तार किया गया है. मास्टरमाइंड प्रोफेसर का नाम योगेश सोनकेसरिया है.
पूछताछ में पता चला एक पेपर पहले भी किया था लीक
पुलिस की पूछताछ में आरोपी प्रोफेसर ने बताया कि 7 अगस्त को बीएससी फर्स्ट ईयर का प्लांट पैथोलॉजी का पेपर भी लीक किया है. बीएससी के सेकंड सेमेस्टर का पेपर 20 तारीख को भी लीक किया है. इस पेपर को उसने 2 से 3 स्टूडेंट को 11 से 12 हजार रुपए में बेचा. इन स्टूडेंट के माध्यम से दूसरे स्टूडेंट तक यह पेपर पहुंचा हुआ है.
कैसे किया पेपर लीक
मास्टरमाइंड ने बताया कि ढाई हजार रुपए में मार्केट से एंडोस्कोपी कैमरा खरीदा था. उस कमरे के माध्यम से बंद लिफाफे में छोटा सा छेद करके उसके नीचे में कैमरा अंदर घुसाकर पूरा पेपर स्कैन किया गया. इसके बाद आरोपी प्रोफेसर ने क्वेश्चन पेपर को हाथ से लिखकर बेचा है. अभी पेपर लीक मामले में कुल मिलाकर 6 आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में दो से तीन और भी लोग हो सकते हैं, जिनको पेपर पहुंचा है. उसके लिए भी पुलिस की संयुक्त टीम लगी हुई है.
कैसे हुआ खुलासा
थाना तेलीबांधा में डॉक्टर एनआर रंगारे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ प्रभारी के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि 20 अगस्त को प्रदेश के 28 कृषि महाविद्यालय में बीएससी सेकंड ईयर के द्वितीय सेमेस्टर के कीट शास्त्र विषय की परीक्षा होनी थी. इसके पहले सुबह 8:40 पर कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केंद्र कवर्धा के ईमेल पर प्रश्न पत्र लीक होने संबंधी सूचना प्राप्त हुई थी. इसके साथ ही छात्रों एवं छात्र प्रतिनिधियों की ओर से विश्वविद्यालय को व्हाट्सएप के माध्यम से प्रश्न पत्र, प्रश्नों के कंटेंट वायरल होने की जानकारी दी गई. प्राप्त सूचना और उपलब्ध सामग्री के आधार पर प्रश्न पत्र सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने की पुष्टि हुई थी.
