दुर्ग/भिलाई:- जिस तरह से गाड़ी चलाते वक्त ड्राइवर की नजर जैसे ही सड़क से चूकती है, वो हादसे का शिकार हो जाता है. ठीक उसी तरह से जैसे ही सायबर सिक्योरिटी को आप नजर अंदाज करते हैं, ठग आपकी गाढ़ी कमाई धोखे से लूट ले जाते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ है दुर्ग में, जहां ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरूरत से ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में एक बुजुर्ग को 45 लाख 18 हजार रुपए गंवाने पड़े.
निर्मला सीतारमण, सचिन तेंदुलकर की तस्वीर दिखाकर ठगा
जालसालों ने बीएसपी के पूर्व कर्मचारी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति के नाम और तस्वीरों वाले विज्ञापन दिखाकर झांसे में ले लिया. बुजुर्ग जब ठगों के झांसे में आ गया तो उनसे पैसे ठगों ने हासिल कर लिए. मामले में भिलाई नगर पुलिस ने मध्य प्रदेश के बैतूल से 24 वर्षीय विशाल नागले को गिरफ्तार किया है, जबकि फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड और अन्य जालसाजों की तलाश की जा रही है.
मजदूर ने ठग लिया भारतीय सेना के पूर्व कर्मचारी को
एएसपी दुर्ग के मुताबिक पीड़ित 61 वर्षीय जयंत बागची हुडको निवासी हैं और भिलाई इस्पात संयंत्र से रिटायर हैं. जयंत बागची भिलाई इस्पात संयंत्र में काम करने से पहले भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं. एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया की आरोपी विशाल 9वीं फेल है और पेशे से मजदूर है. वह साल 2020 में मजदूरी के लिए पुणे गया था. वहां पर लॉट में ऑनलाइन अकाउंट खुलवाया गया था. उसके इसी अकाउंट में ठगी के पैसे ट्रांसफर हुए थे.
फेसबुक पर मिले संदेश को खोलना पड़ा भारी
पुलिस ने बताया कि पीड़ित ने 10 मार्च 2026 को फेसबुक चलाते समय ऑनलाइन निवेश का विज्ञापन देखा. लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करने के बाद कृतिका नाम की महिला ने उनसे 18,998 रुपए फीस जमा कराई. इसके बाद सिद्धार्थ विपुल और करण तनेजा समेत अन्य आरोपियों ने ट्रेडिंग, मार्जिन, सोना और ऑयल में निवेश के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई.
45 लाख से ज्यादा की ठगी हुई
दुर्ग पुलिस ने बताया कि 17 मार्च को 1 लाख, 24 और 25 मार्च को 5-5 लाख और 27 मार्च को सोने में निवेश के नाम पर 25 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कराए गए. इसके बाद 9 अप्रैल को 5 लाख और 16 अप्रैल को 4 लाख जमा कराए गए. इस तरह से कुल रकम 45.18 लाख पीड़ित से आरोपियों ने ले लिए. रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने खाते में भारी मुनाफा दिखाया और 15 प्रतिशत टैक्स के नाम पर 34 लाख रुपए से अधिक मांगे.

