नई दिल्ली :- जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी फिर से अंदोलन की शुरुआत करेगी. सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि वह बहुत जल्द इसकी शुरुआत करेंगे. हालांकि, इसकी तारीख को लेकर दिपके ने कोई जवाब नहीं दिया.दिपके ने कहा, “बहुत से लोग इंस्टाग्राम पर कमेंट कर रहे थे कि ‘जंतर-मंतर’ का सीजन 2 कब शुरू होगा. मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि ‘जंतर-मंतर’ का सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने वाला है.”
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा, “आज दिल्ली में हमारे वॉलंटियर्स की मीटिंग होनी थी. हम हॉल ढूंढ रहे थे, लेकिन कोई हमें हॉल किराए पर नहीं दे रहा था. सब यही कह रहे थे कि ऊपर से दबाव है. बड़ी मुश्किल से हमें यह हॉल मिला था. हमारे पास इसकी रसीद भी है. लेकिन आज सुबह ही हॉल के मालिकों को धमकियां मिलीं. उनसे कहा गया कि अगर उन्होंने यहां सीजेपी की मीटिंग होने दी, तो उन्हें उल्टा लटका दिया जाएगा. यह सब भाजपा कर रही है. उनकी हरकतों और बातों से साफ पता चलता है कि वे देश के युवाओं से डरे हुए हैं. अगर उन्हें लगता है कि ऐसी छोटी-मोटी हरकतों से हम डर जाएंगे, तो वे बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं.
सीजेपी के सौरभ दास ने कहा, “यह असल में ‘सीजन टू’ है. ऐसी नाकाबिल सरकारों और अधिकारियों के खिलाफ पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. सीजेपी की तरफ से, हम अब एक देशव्यापी ‘लिसनिंग टूर’ (लोगों की बात सुनने का दौरा) शुरू कर रहे हैं ताकि जनता की राय जान सकें. हम एक अभियान चलाएंगे और आजादी के दिन से ही शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देंगे. हम माता-पिता और नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे सरकारी स्कूलों में जाएं, सोशल ऑडिट करें, वहां के हालात का रिकॉर्ड रखें, सच्चाई सामने लाएं और सुधार में मदद करें. युवा जिम्मेदारी उठा रहे हैं. जल्द ही एक सचमुच ‘विकसित भारत’ उभरकर सामने आएगा.”
सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया के बात करते हुए कहा, “आज़ादी के बाद से ही इस देश में सरकारी स्कूलों को लगातार और पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है. हमारे गांवों के बच्चों को मजदूरी करने के लिए छोड़ दिया गया है… लेकिन अब सरकारों को सरकारी स्कूलों पर ध्यान देना होगा. आप अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते. इसीलिए हम 15 अगस्त को एक अभियान शुरू कर रहे हैं. हम मांग करेंगे कि सरकार गांव के सरपंचों से अपने गांवों के स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए कहे. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम वहां विरोध-प्रदर्शन करेंगे.”
अभिजीत दिपके ने कहा कि हमारे अभियान का मकसद देश भर के उन ग्रामीण स्कूलों को ठीक करना है जिन्हें इतने सालों से नजरअंदाज किया गया है.इससे पहले सीजेपी ने जिस आंदोलन का नेतृत्व किया था, उस दौरान हिंसा भी हो गई थी. छात्रों के अंदोलन के दौरान सौ से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. कुछ जगहों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया. एक जगह से पैलेट गन चलने की भी खबरें आई थीं. इसको लेकर विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है और संसद भी लगातार कामकाज बाधित हो रहा है.

