उत्तर प्रदेश:- बिजनौर जिले के एक 2 साल पुराने खौफनाक मामले में कोर्ट ने आरोपी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यूंतो तो कोर्ट का फैसला सर्वोपरि होता है, लेकिन जब आप इस मां के काले कारनामे सुनेंगे तो आपका खून खौल उठेगा. मासूम के साथ बर्बरता करने वाले के लिए मौत से भी बत्तर सजा की मांग करने लगेंगे. यह मामला जलालपुर हसना का है जहां एक मां से अपने ही मासूम को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया. जब महिला से इस कांड के पीछे की वजह पूछी गई तो बताया कि माता ने सपने में आकर बलि मांगी थी. इसी सनकी मां को 2 साल बाद न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
फावडे़ से काट दिया था मासूम
अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, एडीजे पॉक्सो एक्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने महिला को अपने ही 4 साल के मासूम बेटे की हत्या के दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उन्होंने महिला पर 60,000 का जुर्माना लगाया. महिला का नाम आदेश देवी है जो जलालपुर हसना की रहने वाली है. इस कलयुगी मां ने अपने ही 4 साल के कलेजे के टुकड़े को करीब 2 साल पहले घर के अंदर फावड़े से काट दिया था. जो मांएं बच्चे को जरा सी खरौंच आने पर तिलमिला जाती है उसी दौर की एक यह मां भी है जिसने अपने ही लाड़ले को इतनी दर्दनाक मौत दे डाली.
सबूत मिटाने के लिए चूल्हे पर जलाया
12 जून 2024 की वारदात के खिलाफ पति कपिल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसमें लिखा था कि जब वो खेत पर गया था तो पीछे से पत्नी आदेश देवी ने अपने 2 साल के बेचे हर्ष उर्फ कल्लू की फावड़े से काटकर हत्या कर दी. अपने बेटे के कत्ल के निशान मिटाने के लिए उसने चूल्हे पर लकड़ियों में रखकर आग लगा दी. उसी समय मौके पर बच्चे का पिता आ गया और उसने जलती लकड़ियों में झुलसते बेटे को निकाला और अस्पताल ले गाय, जहां चिकित्सकों ने 4 साल के हर्ष को मृत घोषित कर दिया.
हत्या का कारण पूछने पर किया कांड
जब पति कपिल ने पत्नी और मां आदेश देवी से इस बेरहम कत्ल का कारण पूछा कि हर्ष को क्यों मारा तो अपने पति की भी जान लेने पर उतारू हो गई और फावड़ा उठाकर उसके पीछे दौड़ पड़ी. पोस्टमार्टम कराने पर बेटे हर्ष के शव पर कई चोट के निशान पाए गए. पति और परिजनों की शिकायत पर आदेश देवी को जेल भेज दिया गया था. मुकदमा अब अदालत में था. जब पुलिस और अदालत में मासूम की हत्या के पीछे का कारण पूछा गया तो महिला ने बताया कि सपने में माता आई थी और बेटे की मांग रही थी, इसलिए उसने बेटे की बलि चढ़ा दी.
इस वारदात ने ग्रामीणों और आसपास के इलाकों में सनसनी मचा दी थी. हर किसी के मन में बस एक ही सवाल था कि कोई मां आखिर ऐसा कैसे कर सकती है. हालांकि मां के मनोरोगी होने की बात भी कही जा रही थी. हालांकि वारदात के बाद मां को तुरंत सलाखों के पीछे भेज दिया था. महिला के खिलाफ कोर्ट में 9 लोगों की गवाही हुई थी जिस पर फैसला करते हुए न्यायाधीश ने महिला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.

