कोरबा:- वनांचल क्षेत्र से सर्पदंश के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल इलाज के लिए पहुंचे युवक की मौत हो गई है. युवक 18 घंटे तक जीवन और मृत्यु से लड़ता रहा. जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया है. युवक की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप भी लगाया है.दरअसल करतला थानांतर्गत ग्राम बताती में सौरव समुंदर नामक व्यवसायी द्वारा निर्माण कराया जा रहा है. जहां ग्राम हाटी, थाना छाल जिला रायगढ़ निवासी गुलाब सोनी चौकीदारी का काम करता है.
उसके साथ ही इकलौता पुत्र भोला सोनी 22 वर्ष व बहू भुनेश्वरी भी रहते थे. हर रोज की तरह बीते शुक्रवार की रात करीब 8.30 बजे भोला और उसकी पत्नी ने परिवार के साथ बैठकर खाना खाया. इसके बाद दोनों समीप ही स्थित हाथी रेस्क्यू सेंटर के प्रथम तल में सोने चले गए.भोला रात के लगभग 9 बजे पानी लेने के लिए सीढ़ी से नीचे उतर रहा था. इसी दौरान जमीन पर रेंग रहे करैत प्रजाति के सांप ने उसे डस लिया.
सांप को देखकर पता चला सर्पदंश का
इस बात का अहसास भोला को थोड़ी देर बाद हुआ. जब उसने सीढ़ी के समीप सांप को बैठे हुए देखा. उसने घटना की जानकारी परिजनों को दी.परिजनों ने भोला तो तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया. वे बाइक से करीब 25 किलोमीटर का सफर कर भोला के साथ अस्पताल पहुंचे.
18 घंटे बाद हुई मौत
अस्पताल पहुंचने के करीब 18 घंटे तक चले इलाज के बाद भोला की मौत हो गई है. उसकी मौत को लेकर परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों की मानें तो वे भोला को समय पर अस्पताल लेकर पहुंच गए थे. इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उसे बैठने के लिए कह दिया. उसे करीब आधे घंटे तक टेबल में बिठा कर रखा गया. बार बार इलाज के लिए कहे जाने पर सांप की तस्वीर मांगी गई. उन्होंने सांप की तस्वीर भी दिखाई, बावजूद इसके डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ अपने काम में मशगुल रहे.
मुंह से झाग आने पर शुरू हुआ इलाज
परिजनों के अनुसार अस्पताल पहुंचने के आधे घंटे बाद भोला को उल्टी होने लगी. मुंह से झाग निकलने लगा. तब इलाज शुरू किया गया. परिजनों का कहना है कि यदि समय पर उपचार मिल जाता तो घर के इकलौते चिराग को बुझने से बचाया जा सकता था.
12 जून को हुआ था विवाह
घटना में दुखद पहलू यह भी है कि भोला का विवाह ठीक 1 महीने पहले 12 जून को हुआ था. भोला की पत्नी नवविवाहिता के हाथ की मेंहदी छूटती, इससे पहले मांग उजड़ गई. मृतक भोला के परिजनों को बहू के गर्भवती होने की खुशी भी कुछ दिन पहले ही मिली थी. परिजन बेहद खुश थे. लेकिन उनकी खुशी पर ग्रहण लग गया. इकलौते बेटे को खोने से परिवार पर दुखों का पहाड़ गिर गया है.

