मध्य प्रदेश:- बड़वानी तहसील में 30 लड़कों द्वारा एक युवती का जबरन अपहरण करने का मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है. यह घटना राजपुर तहसील की बताई जा रही है जिसका एक वीडियो भी तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है जिसमें नजर आ रहा मंजर काफी खौफनाक है. 25 से 30 युवकों का एक झुंड खेत के किनारे की सड़क पर हुड़दंग मचा रहा है जबकि कुछ लड़के खेत के अंदर एक युवती को घसीटकर बाहर ला रहे हैं. युवती को जबरन बाईक पर बिठाते हैं और साथ ले जाते हैं. कुछ मिनट का वीडियो दिल में सिरहन-सी दौड़ा देता है. वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है जिसे देख लोग देश की कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और समाज की कुप्रथाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं, क्योंकि यह मामला भी आदिवासी समाज की एक प्रथा से जुड़ा हुआ है.
आखिर क्या है अपहरण के पीछे का कारण
कुछ समय पहले युवती की शादी निहाली गांव के हुकुम रावत से हुई थी. आदिवासी समाज की बेज प्रथा को मानते हुए युवती के परिजनों को 2 लाख रुपये दिए गए, लेकिन युवती ससुराल नहीं पहुंची. आरोप है कि लड़की पक्ष ने पैसे लेने के बावजूद युवती को ससुराल नहीं भेजा जिससे युवक पक्ष का काफी आहत था. यही वजह है कि गुस्साए युवक हुकुम रावत ने अपनी पत्नी को ससुराल वापस लाने के लिए 25-30 लड़कों का ग्रुप तैयार किया और सभी इंद्रपुर गांव से जबरन युवती को खेत से घसीटते हुए अपने साथ ले गए.
7 जुलाई की यह पूरी घटना वहां खड़े प्रत्यक्षदर्शियों ने अपने कैमरे में कैद कर ली और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमें कुछ लोगों को कहते सुन सकते हैं कि ‘बेजा’ चुका है, रुपये भी ले लिए, फिर भी लड़की नहीं भेजी थी, इसलिए उसे ले जा रहे हैं. हालांकि इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. राजपुर थाना प्रभारी का कहना है कि अभी तक लड़का या लड़की पक्ष की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है लेकिन वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की एक टीम को भेजा गया था. जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि युवती सहमत थी भी या नहीं.
निमाड़ के आदिवासी समुदाय में बेजा प्रथा का लंबे समय से प्रचलन है. यहां के लोग इसे सामाजिक परंपरा मानते हैं. इस प्रथा को निभाने के बाद ही युवक-युवती की शादी और साथ रहने की इजाजत मिलती है. हालांकि कानून के मुताबिक, विवाह के दौरान आर्थिक लेन-देन अपराध है जिसके लिए दंड का भी प्रावधान है लेकिन आदिवासी समुदाय आज भी पर्दे के पीछे ऐसी प्रथाओं को निभा रहा है जिसके पूरा होने के बाद ही वैवाहिक रिश्ते को मंजूरी मिलती है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है महिला की इच्छा के विरुद्ध या जबरन उठाकर ले जाना क्या सही है? यदि जांच में जबरदस्ती या अन्य अपराधों की पुष्टि होती है तो सख्त कानूनी कार्रवाई का अनुमान है.

