जयपुर:- राजधानी जयपुर में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक बेटी पर सरकारी नौकरी और संपत्ति पाने के लालच में अपनी ही मां की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बेटी, उसके चाचा समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।
सरकारी नौकरी और संपत्ति का विवाद
पुलिस के मुताबिक, मृतका नीरज शर्मा अदालत में क्लर्क के पद पर कार्यरत थीं। उनके पति का करीब एक वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद उनकी बेटी आयुषी अनुकंपा नियुक्ति के तहत सरकारी नौकरी चाहती थी, लेकिन नौकरी बेटी के बजाय नीरज शर्मा को मिल गई। वहीं, भरतपुर के बामनपुरा में स्थित दो भूखंड भी पति की मृत्यु के बाद नीरज शर्मा के नाम हो गए थे। पुलिस का कहना है कि सरकारी नौकरी और संपत्ति का विवाद ही हत्या की वजह बना।
जांच में सामने आया कि आयुषी ने अपने चाचा मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम के साथ मिलकर मां की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि उन्होंने 7 लाख रुपये की सुपारी देकर बदमाशों को हत्या के लिए तैयार किया। योजना के तहत नीरज शर्मा को सड़क हादसा दिखाने के उद्देश्य से कार से टक्कर मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।घटना 4 जुलाई को प्रतापनगर थाना क्षेत्र में हुई। नीरज शर्मा अपने 17 वर्षीय दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए प्रतापनगर गई थीं। टक्कर के बाद उनकी मौत हो गई। शुरुआत में मामला सड़क दुर्घटना जैसा लग रहा था, लेकिन मृतका के भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जयपुर (पूर्व) की पुलिस उपायुक्त रंजिता शर्मा ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भरतपुर, दौसा, मथुरा और आगरा में छापेमारी कर पांच सुपारी किलर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आयुषी और उसके चाचा मोहन स्वरूप की कथित भूमिका सामने आई, जिसके बाद दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आयुषी का चचेरा भाई बलराम अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।

