छत्तीसगढ़ :- प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर कानून बनाए गए हैं, इसके बाद भी ऐसी घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। लगातार अलग-अलग हिस्सों से धर्मांतरण का मामला सामने आ रहा है। ऐसा ही एक मामला कवर्धा जिले से सामने आया है, जहां चंगाई सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के लोग वहां पहुंचे और इसका विरोध किया।
मिली जानकरी के अनुसार, मामला तरेगांव थाना लालमाटी गांव का है। जहां एक बंद कमरे में चंगाई सभा की आड़ में प्रार्थना आयोजित की जा रही थी। इस मामले की सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के लोग वहां पहुंचे और इसका विरोध किया। हिंदू संगठनों 2 पास्टर पर आरोप लगाया है। संगठन का आरोप है कि इलाज के नाम पर धर्मांतरण कराया जा रहा था।
ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान का भरोसा देकर उन्हें दूसरे धर्म को अपनाने के लिए कहा गया था। हालांकि, जब उनकी स्वास्थ्य समस्याओं में कोई सुधार नहीं हुआ तो कुछ लोग दोबारा सनातन धर्म में लौट आए। पुलिस ने इस मामले में गांव के दो पास्टर, एक फादर और रायपुर के एक अन्य फादर के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ की। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

