दुर्ग:- नशे की तस्करी के लिए तस्कर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं, लेकिन दुर्ग पुलिस की सतर्कता ने एक ऐसे ही हाईटेक तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। कुम्हारी ओवरब्रिज के नीचे वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक क्रेटा कार से 14.5 किलो गांजा बरामद किया, जिसे कार के दरवाजों के भीतर बनाए गए गुप्त चेंबरों में छिपाकर रखा गया था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से गांजे की बड़ी खेप दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में पहुंचाई जाने वाली है। सूचना मिलते ही थाना कुम्हारी और एसीसीयू-क्राइम टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर घेराबंदी की और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान रायपुर की ओर से आ रही क्रेटा कार को रोका गया। वाहन की तलाशी लेते समय पुलिस को गांजे की गंध महसूस हुई। इसके बाद जब कार की जांच की गई तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार के चारों दरवाजों के अंदर विशेष रूप से गुप्त चेंबर बनाए गए थे, जिनमें गांजा भरकर ऊपर फाइबर शीट लगा दी गई थी, ताकि सामान्य जांच में कुछ दिखाई न दे। पुलिस ने दरवाजों को खोलकर तलाशी ली, जिसमें कुल 14.5 किलो गांजा बरामद हुआ। जब्त मादक पदार्थ की कीमत करीब 7.25 लाख रुपए बताई गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान तीरथा ठेला निवासी नुआपाड़ा (ओडिशा) और किशन जगत निवासी कुम्हारी, जिला दुर्ग के रूप में बताई। दोनों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा के कंधमाल क्षेत्र से गांजा खरीदकर दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में सप्लाई करने आए थे।
एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर के अनुसार, आरोपियों ने खुलासा किया है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लंबे समय से वाहनों में सीक्रेट चेंबर बनाकर गांजे की तस्करी करते थे। प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत भी मिले हैं कि वे पहले भी इसी तरीके से कई बार अवैध खेप पहुंचा चुके हैं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। उनके कब्जे से 14.5 किलो गांजा, एक क्रेटा कार, 22 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 17.77 लाख रुपये आंकी गई है।

