लाइफस्टाइल में बदलाव, खान-पान की आदतें और फिजिकल एक्टिविटी की कमी जैसे कई कारणों से आजकल हमें कई हेल्थ प्रॉब्लम हो रही हैं. खासकर महिलाओं को थायरॉइड की प्रॉब्लम सबसे ज्यादा परेशान करती हैं. जाने-माने डायबिटीज स्पेशलिस्ट पी.वी. राव का कहना है कि यह प्रॉब्लम महिलाओं में कई तरह की तरह की समस्याएं पैदा कर सकती है. इस खबर में जानते हैं कि थायरॉइड की वजह से कौन-कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं…
हमारे शरीर में कई ऑर्गन और डिपार्टमेंट होते हैं. इनमें से थायरॉइड ग्लैंड का रोल बहुत अहम होता है. थायरॉइड ग्लैंड हमारे मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने में सबसे अहम रोल निभाता है. थायरॉइड एक तितली के आकार की एंडोक्राइन ग्लैंड है जो गर्दन के निचले हिस्से में होती है. यह मुख्य रूप से दो हार्मोन बनाती है (T_3) (ट्राईआयोडोथायोनिन) और (T_4) (थायरॉक्सिन). ये हार्मोन शरीर के लगभग हर अंग के काम, एनर्जी लेवल और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करते हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि थायरॉइड ग्लैंड से निकलने वाले थायरोक्सिन हार्मोन का लेवल ज्यादा या कम होने पर कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि थायरॉइड की प्रॉब्लम को दो तरह से बांटा जा सकता है. अगर थायरॉइड हार्मोन जरूरत से ज्यादा बनने लगे, तो इस कंडीशन को हाइपरथायरॉइडिज्म कहते हैं, और अगर थायरॉइड हार्मोन नॉर्मल लेवल से कम बनने लगे, तो इसे हाइपोथायरॉइडिज्म कहते हैं.
हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण
थायरॉइड की बीमारी से परेशान लोगों को आमतौर पर बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है.
थायरॉइड हार्मोन का लेवल कम होने पर वजन बढ़ता है.
बहुत ज्यादा बाल झड़ना.
बहुत पसीना आना.
थायरॉइड की बीमारी के सबसे आम लक्षणों में से एक गर्दन में सूजन है. यह सूजन थायरॉइड ग्लैंड में बदलाव की वजह से होती है.
थायरॉइड की समस्या होने पर हमारे शरीर का टेम्परेचर बदल जाता है. यह अचानक बढ़ या घट सकता है. नॉर्मल मौसम में भी बहुत ठंडा या बहुत गर्म लग सकता है.
स्किन ड्राई हो जाती है.
नाखून भी कमजोर हो जाते हैं.
पैर और हाथ अक्सर सुन्न हो जाते हैं.
हाथों में झुनझुनी महसूस होना.
कब्ज
पीरियड्स का असामान्य होना

