नई दिल्ली :- 19 मिनट 34 सेकंड का एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद से, सोशल मीडिया पर कई और वीडियो भी वायरल हुए. इन वीडियो ने पूरे देश को लिंक ढूंढने पर मजबूर कर दिया है. अशोक खरात से जुड़ा मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. एक विशेष जांच दल फिलहाल इस मामले की जांच कर रहा है, और लगभग हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं. हालिया रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि अशोक खरात महिलाओं के निजी वीडियो रिकॉर्ड करवाता था और बाद में उन्हें इंटरनेट पर अपलोड कर देता था. वहीं अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है. जिसे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे.
बता दें कि धोखेबाज अशोक खरात के मामले में SIT जांच से एक सनसनीखेज खुलासा किया है, बता दें कि खुद को ज्योतिषी बताने वाला बाबा अशोक खरात “वाइफ-स्वैपिंग” रैकेट का भी धंधा करते थे. वीडियो वायरल होने के बाद इस खबर ने पूरे देश में हलचल मचा दी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये वाइफ स्वैपिंग क्या होता है? चलिए जान लेते हैं.
क्या होता है वाइफ स्वैपिंग
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सामाजिक और सेक्सुअल संदर्भ में वाइफ-स्वैपिंग या पार्टनर स्वैपिंग एक तरह की नॉन-मोनोगैमस शादी है जिसमें कमिटेड कपल दूसरे कपल के साथ सेक्सुअल एक्टिविटी करते हैं. ये एक ऐसा घिनौना काम है जिसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता.
जब भी कोई महिला सलाह के लिए उसके केबिन में आती थी, तो झूमर की लाइट बंद करने का काम यह इशारा करता था कि कोई भी केबिन में अंदर नहीं आ सकता. उसके केबिन में एक खास तरह का शीशा लगा था जिससे अंदर से बाहर तक देखा जा सकता था, लेकिन बाहर से अंदर का कुछ दिखाई नहीं देता था. बता दें कि अब इन घिनौने वीडियो की गिनती बढ़ गई है और 58 से बढ़कर 150 हो गई है.
केबिन में लगा था छिपा हुआ कैमरा
वहीं एक और हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है और वो खुलासा है कि अशोक खरात के केबिन में एक छिपा हुआ कैमरा लगा हुआ था. बता दें कि 2018 में, धीरज जाधव \8,000 रुपये की नौकरी कर रहा था उसने केबिन के अंदर एक छिपा हुआ कैमरा लगाया था, जिसका इस्तेमाल उसने बाद में बाबा और उसमें शामिल महिलाओं दोनों को ब्लैकमेल करने के लिए किया. उसने बताया कि बाबा 100 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से इमली के बीज खरीदता था उन्हें पॉलिश करने के बाद, वो उन्हें अपनी शिकार महिलाओं को 100,000 रुपये प्रति मुट्ठी के हिसाब से बेच देता था.

