महाराष्ट्र:- नासिक में स्वयंभू बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर किए जा रहे काले कारनामों की परतें दर परत खुल रही हैं। वहीं पुलिस भी एक्शन मोड में है। नासिक पुलिस ने मामले की जांच के दौरान महिलाओं के अश्लील वीडियो वॉट्सऐप ग्रुप पर वायरल करने के आरोप में ग्रुप एडमिन समेत 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए जांच प्रक्रिया से जुड़े वीडियो और कुछ महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो वायरल किए गए।खरात अपने दफ्तर में ‘कोड लैंग्वेज’ का इस्तेमाल करता था। जब भी बाबा खरात किसी महिला को ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर केबिन के अंदर बुलाता था, तो वह कमरे के झूमर की लाइट बंद कर देता था।
यह स्टाफ के लिए एक ‘कोड’ होता था कि अंदर यौन शोषण की प्रक्रिया चल रही है और उस दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत नहीं होती थी। बाबा के केबिन में ऐसे कांच लगे थे, जिनमें बाहर से अंदर का दृश्य नहीं दिखता था, जबकि अंदर से बाहर का नजारा दिख जाता था।

