धमतरी :- धमतरी जिले में घरेलू एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर के निर्देश पर आम उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग लगातार जांच अभियान चला रहा है. इसी क्रम में मंगलवार को खाद्य विभाग की टीम ने धमतरी नगर निगम क्षेत्र के होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया. इस जांच अभियान का नेतृत्व सहायक खाद्य अधिकारी भेलेन्द्र कुमार ध्रुव, निलेश चन्द्राकर और खाद्य निरीक्षक वैभव कोरटिया ने किया.
प्रतिष्ठान में नहीं मिले व्यावसायिक सिलेंडर
अधिकारियों ने प्रतिष्ठानों में गैस कनेक्शन, सिलेंडरों की संख्या, उनके उपयोग और संबंधित दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया. जांच के दौरान शांति कॉलोनी स्थित ‘मालिक केटर्स’ में गंभीर अनियमितता सामने आई. विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार इस प्रतिष्ठान के नाम पर 40 व्यावसायिक गैस सिलेंडर दर्ज हैं, लेकिन मौके पर केवल 23 खाली सिलेंडर ही पाए गए. शेष 17 सिलेंडरों के संबंध में संचालक महेश कुमार रंगलानी से पूछताछ की गई, लेकिन वे कोई संतोषजनक जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके.इस बड़े अंतर को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की संभावित कालाबाजारी और अनधिकृत उपयोग की आशंका जताई.
23 सिलेंडर किए जब्त
इसके बाद द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियम) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत मामला दर्ज किया गया. मौके से 23 इंडेन व्यावसायिक गैस सिलेंडर जब्त कर लिए गए. खाद्य विभाग के अनुसार घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग या बिना अनुमति गैस का भंडारण एवं वितरण करना कानूनन अपराध है. इससे आम उपभोक्ताओं की गैस आपूर्ति प्रभावित होती है और कृत्रिम कमी की स्थिति बनती है. जिले में अब तक इस तरह की अनियमितताओं के खिलाफ 34 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जिसमें कुल 73 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं.

