रायपुर :- गर्मी बढ़ने के साथ ही मिट्टी के बने घड़े का बाजार भी सज गया है. सिंपल मटके के साथ ही स्टाइलिश और डिजाइनर मटके भी बाजार में देखने को मिल रहे हैं. पुराने जमाने में गर्मी के दिनों में शीतल जल के लिए मिट्टी के घड़े का इस्तेमाल किया जाता था.लेकिन बदलते वक्त के साथ लोगों ने मिट्टी के घड़ों का इस्तेमाल कम कर दिया.मिट्टी के घड़ों की जगह वाटर कूलर और फ्रिज ने ले ली. लेकिन फ्रिज के पानी से शरीर में रोगों को बढ़ावा मिलता है.डाइटीशियन के मुताबिक फ्रिज का पानी शरीर में जकड़न और अस्थमा जैसे रोगों को बढ़ावा देने वाला होता है. जबकि मिट्टी के घड़े में मिनरल्स पाए जाते हैं.जो शरीर के लिए लाभदायक है.
बाजार में सिंपल के साथ डिजाइनर मटके
मिट्टी के घड़े बेचने वाली दुकानदार लीला बाई चक्रधारी ने बताया कि गर्मी की शुरुआत होते ही छत्तीसगढ़िया मटका की बिक्री शुरू हो जाती है. आजकल बाजार में सिंपल मटके के साथ ही डिजाइनर मटके भी उपलब्ध है. सिंपल मटके के दाम कम है, लेकिन डिजाइनर मटके के दाम थोड़े ज्यादा हैं. उन्होंने बताया कि ग्राहकों की पसंद अलग-अलग है. कोई सिंपल मटके की डिमांड करता है तो कोई डिजाइनर मटके की डिमांड करता है. जिसमें सुराही, बॉटल, जग और मटका है, जिसमें नल लगे हुए हैं. सिंपल और डिजाइनर मटकों के अंतर के बारे में उन्होंने बताया कि डिजाइनर मटके मजबूत होने के साथ ही पानी ज्यादा ठंडा करता है.
फ्रिज का पानी से नुकसान की बात
मटकों को लेकर स्थानीय निवासी राजेश देवांगन ने बताया कि आजकल गर्मी बहुत तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए मिट्टी के बने मटके के पानी को उन्होंने काफी अच्छा बताया. मिट्टी के बने मटके का इस्तेमाल पुराने समय में बुजुर्ग भी किया करते थे. वर्तमान समय में फ्रिज भी आ गया है, लेकिन फ्रिज का पानी हमारी तासीर के लिए ठीक नहीं है. सिंपल मिट्टी के घड़ा बनाने के साथ कुम्हार परिवार स्टाइलिश और डिजाइनर मटका भी बना रहे हैं, जो हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है.
विशेषज्ञों की क्या है राय
मेकाहारा की डाइटिशियन डॉक्टर नेहा जैन ने बताया कि गर्मी के दिनों में लोग अपने शरीर का टेंपरेचर मेंटेन करने के लिए मिट्टी के बने मटके और फ्रिज के पानी का इस्तेमाल करते हैं. मटके के पानी में एक फायदा मिलता है क्योंकि वो प्राकृतिक है. बहुत से लोगों को ठंडा पानी पीने से एलर्जी के साथ ही जुकाम हो जाता है. अस्थमा के मरीज फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पी पाते. ऐसे समय में अस्थमा के मरीज मटके के ठंडा पानी पीकर अपने बॉडी के टेंपरेचर को कम कर सकते हैं.

