एमसीबी:- कोरिया जिले के कटगोड़ी स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में छात्र ने तनाव में आकर जान दे दी. छात्र की मौत से उसके साथी सदमे में हैं. छात्र की मौत के बाद से हॉस्टल प्रबंधन भी सवालों के घेरे में आ गया है. छात्र ने घातक कदम उठाने से पहले अपने पिता से फोन पर बात की थी. छात्र लगातार अपने पिता से एक ही बात कह रहा था कि उसे घर बुला लिया जाए. पिता ने भी बेटे को समझाते हुए कहा था कि अगली सुबह वो खुद उसे लेने के लिए हॉस्टल आएंगे. लेकिन छात्र को न जाने क्या हुआ उसने रात के वक्त अपनी जान दे दी. बेटे की मौत के बाद से पूरा परिवार और हॉस्टल के बच्चे सदमे में हैं.
छात्रावास में छात्र ने दी जान
परिजनों का आरोप है कि उनका बेटा पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों और छात्र हितों के मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहता था. होली के दौरान जब वह घर आया था, तब उसने परिवार को बताया था कि छात्रावास अधीक्षक और एक कर्मचारी उस पर फुटबॉल प्रतियोगिता में जीती गई करीब 1 लाख की पुरस्कार राशि बैंक से निकलवाने का दबाव बना रहे हैं. परिजनों के मुताबिक सुरेश का कहना था कि यह राशि पूरी टीम की है और इसे खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री खरीदने में खर्च किया जाना चाहिए. इसी कारण वह पैसे निकालने का विरोध कर रहा था.
परिवार का आरोप है कि इसी बात को लेकर छात्रावास प्रबंधन उससे नाराज था. परिजनों ने यह भी बताया कि सुरेश छात्रावास की कुछ अव्यवस्थाओं को लेकर आवाज उठाता रहता था. इसी सिलसिले में वह शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट भी गया था. आरोप है कि इस बात की जानकारी मिलने के बाद छात्रावास अधीक्षक ने नाराजगी जताई और ज्यादा बोलने वाले छात्रों की सूची बनाकर उन्हें फेल कराने तक की धमकी दी थी.
सोनहत एसडीएम पहुंचे छात्रावास
हॉस्टल में छात्र के जान देने की सूचना मिलते ही सोनहत एसडीएम अनसुल वर्मा छात्रावास पहुंचे और कई घंटों तक अन्य छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की. प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि होली की छुट्टी के बाद घर से लौटने के बाद से सुरेश कुछ गुमसुम रहने लगा था. हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामला संवेदनशील है और जांच जारी है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी.

