बलौदाबाजार:- जिले में होली के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. बलौदाबाजार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अस्पतालों की व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज के साथ सम्मानजनक व्यवहार भी मिलना चाहिए. 3 BMO को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए.
संस्थागत प्रसव पर लापरवाही के चलते एक्शन
बैठक में संस्थागत प्रसव की स्थिति की भी समीक्षा की गई. आंकड़ों में सामने आया कि कुछ विकासखंडों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई है. इसे गंभीर मानते हुए सिमगा, पलारी और कसडोल क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन पर संबंधित बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए. प्रशासन ने कहा कि अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव से मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिलती है, इसलिए इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में कहा गया कि अस्पतालों में मरीजों को इलाज के साथ अच्छा और सहयोगपूर्ण व्यवहार मिलना चाहिए. कई बार मरीजों और उनके परिजनों के साथ खराब व्यवहार की शिकायतें मिलती हैं. इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को अस्पतालों का माहौल सकारात्मक बनाने के निर्देश दिए गए. साथ ही अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, पानी, बिजली और जरूरी उपकरणों की व्यवस्था बेहतर बनाए रखने को कहा गया.
अधिकारियों से फील्ड विजिट बढ़ाने कहा
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए गए. बीएमओ को अपने क्षेत्र के अस्पतालों का लगातार निरीक्षण करने और कमियों को तुरंत दूर करने को कहा गया. जहां कोई योजना अच्छी तरह लागू हो रही है, वहां के अनुभवों से सीख लेकर अन्य क्षेत्रों में भी सुधार करने पर जोर दिया गया.
अस्पताल केवल रिफरल केंद्र न बनें
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि कई छोटे अस्पतालों से मरीजों को बिना पर्याप्त जांच और इलाज के ही बड़े अस्पतालों में भेज दिया जाता है. इस पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया गया कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पहले मरीजों का इलाज करने का प्रयास किया जाए. केवल गंभीर स्थिति में ही मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाए.
बारिश से पहले सर्पदंश को लेकर तैयारी
आने वाले बारिश के मौसम को देखते हुए अस्पतालों में एंटीवेनम दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता पर भी जानकारी लेते हुए स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए गए. बरसात के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं. इसलिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में समय रहते जरूरी दवाएं रखने के लिए कहा गया, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके.
स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में कई स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई. इनमें कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, एनीमिया उन्मूलन अभियान, टीबी मुक्त भारत मिशन, संस्थागत प्रसव कार्यक्रम, स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड और वय वंदन कार्ड जैसी योजनाएं शामिल हैं. साथ ही सेक्स रेशियो और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई.
