बलौदाबाजार:- जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम डाढाखार से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है. पुरानी रंजिश और पंच चुनाव के दौरान वोट नहीं देने की बात को लेकर एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी गई. आरोपी ने डंडे से सिर पर ताबड़तोड़ घातक वार कर 55 वर्षीय इतवारी राम पैकरा की जान ले ली. घटना के बाद आरोपी ने मौके पर मौजूद गवाहों को भी जान से मारने की धमकी दी, जिसके चलते लंबे समय तक मामला खुलकर सामने नहीं आ पाया.
लगभग दस महीने पहले हुई इस घटना में मर्ग जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सघन जांच कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया जारी है.
इलाज के दौरान हुई मौत, पहले दर्ज हुआ था मर्ग
मामले की शुरुआत 7 अप्रैल 2025 से होती है. उस दिन ग्राम डाढाखार निवासी इतवारी राम पैकरा को सिर में गंभीर चोट लगने के कारण जिला अस्पताल बलौदाबाजार में भर्ती कराया गया था. उसकी हालत बेहद नाजुक थी. इलाज के दौरान 8 अप्रैल 2025 को इतवारी राम की मौत हो गई.
शुरुआत में मामला संदिग्ध परिस्थितियों में लगी चोट का माना गया और मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई. शव का विधिवत पोस्टमॉर्टम कराया गया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मृतक के सिर पर किसी ठोस वस्तु से जोरदार वार किया गया था, जिससे गंभीर चोट आई और वही चोट उसकी मौत का कारण बनी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मामला सामान्य मृत्यु का नहीं, बल्कि हत्या का प्रतीत हुआ. इसके आधार पर थाना कसडोल में अपराध क्रमांक 59/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई.
कसडोल पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में कसडोल थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज की. पुलिस टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया.मृतक के घर, आसपास के क्षेत्र और संभावित वारदात स्थल की बारीकी से जांच की गई. मृतक के परिजनों और गांव के लोगों से लगातार पूछताछ की गई. शुरुआत में गवाह खुलकर सामने नहीं आए, गांव में दबी जुबान से चर्चा जरूर थी, लेकिन कोई स्पष्ट बयान देने को तैयार नहीं था. इससे जांच की दिशा को स्पष्ट करने में समय लगा.
गवाहों को आरोपी ने जान से मारने की दी थी धमकी
जांच के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया.घटना के समय कुछ ग्रामीण मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने तत्काल पुलिस को कुछ नहीं बताया. बाद में जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की, तो पता चला कि आरोपी ने घटना के बाद गवाहों को धमकी दी थी कि अगर किसी ने मुंह खोला तो उसे भी जान से मार दिया जाएगा. इस धमकी के कारण गवाहों ने लंबे समय तक चुप्पी साधे रखी.
पंच चुनाव और पुरानी रंजिश बना कारण
जांच में सामने आया कि आरोपी नरेश पैकरा और मृतक इतवारी राम पैकरा के बीच पुरानी रंजिश थी. पंच चुनाव के दौरान वोट नहीं देने की बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था. आरोपी मृतक से नाराज था और गांव में उसे लेकर तंज कसता था. गवाहों के अनुसार घटना वाले दिन आरोपी ने इतवारी से कहा कि उसने चुनाव में उसे वोट नहीं दिया और गांव में खुद को बड़ा बैगा बताता है. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई. देखते ही देखते विवाद गाली गलौज में बदल गया. आरोपी नरेश पैकरा ने पास में पड़ा डंडा उठाया और इतवारी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. वार इतने घातक थे कि मृतक वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा. आसपास मौजूद लोग डर के मारे हस्तक्षेप नहीं कर सके.

