नई दिल्ली :- साउथ कोरियन कार निर्माता कंपनी की भारतीय डिविजन Hyundai Motor India ने जानकारी दी है कि कंपनी के लगभग एक तिहाई ग्राहकों ने उन मॉडलों का चुनाव किया, जिनमें डिजिटल-की फीचर मिलता है. इस फीचर के लागू होने के एक साल से भी कम समय में कंपनी को एक अच्छी संख्या मिली है.
कंपनी का कहना है कि यह दिखाता है कि भारतीय कार खरीदार जीवन को आसान बनाने वाली तकनीक की ओर तेज़ी से आकर्षित हो रहे हैं. इसके साथ ही यह इस तथ्य को भी दर्शाता है कि फीचर और कनेक्टिविटी को अब लग्जरी के रूप में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के ड्राइविंग एक्सपीरिएंस का हिस्सा माना जा रहा है.
बता दें कि डिजिटल-की को कंपनी ने पहली बार सितंबर 2024 में Hyundai Alcazar के साथ पेश किया गया था, और इसके बाद इस फीचर को साल 2025 की शुरुआत में Hyundai Creta Electric के साथ भी उपलब्ध कराया गया. Hyundai के लिए, यह भारत में तकनीक-आधारित छवि बनाने की दिशा में एक और कदम है.
भारत एक ऐसा बाज़ार है, जहां Hyundai साल 2019 में कनेक्टेड कार तकनीक को आगे बढ़ाने वाली पहली कंपनी भी थी. यह तथ्य कि एक तिहाई से ज़्यादा यूजर्स पहले से ही दोस्तों या परिवार के साथ एक्सेस साझा कर रहे हैं, इस बात को रेखांकित करता है कि इस फीचर के नएपन से परे भी वास्तविक उपयोग हैं.
डिजिटल-की कैसे काम करती है
बता दें कि डिजिटल-की NFC तकनीक पर काम करती है और Hyundai के Bluelink ऐप से जोड़ा जाता है. ग्राहक इसे अपने स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच पर सेट कर सकते हैं, या एक अलग NFC कार्ड का विकल्प चुन सकते हैं. वर्चुअल-की बनने के बाद, ग्राहक बस दरवाज़े के हैंडल पर डिवाइस को टैप करके कार को लॉक और अनलॉक कर सकते हैं.
इसके अलावा, वर्चुअल-की को कार के वायरलेस चार्जिंग पैड पर रखकर स्टार्ट किया जा सकता है. इसकी खासियत यह है कि इसमें ज़रूरत पड़ने पर एक्सेस को शेयर और कैंसिल करने का फीचर मिलता है, जिससे फिजिकल-की को साथ रखने और खोने की रोज़मर्रा की परेशानियों से छुटकारा मिलता है.