बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में अब प्रशासन ने हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारियों गाज गिराना शुरू कर दिया है। बलौदाबाजार कलेक्टर ने आदेश जारी कर आज 265 तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को निलबिंत कर दिया है। इसके अलावा 100 अन्य कर्मचारियों अधिकारियों के लिए शासन को अनुशंसा पत्र भेज दिया गया है। जारी आदेश में साफ लिखा गया है कि, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण अधिनियम के तहत इन सभी कर्मचारियों पर कार्यवाही की जा रही है।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विजय दयाराम के.द्वारा शुक्रवार को हड़ताल में गए 296 स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए। छत्तीसगढ़, सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के तहत् स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों के संबंध में अनाधिकृत रूप से निरंतर 21 अगस्त 2023 से हड़ताल में है, एवं इस कारण से लोकहित-नागरिक सेवायें तथा शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को असुविधा हो रही है।
जिन सेवाओं के विषय में एस्मा (छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979) की धारा-4 की उपधारा (1) एवं (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए एवं सूचना उपरांत भी कर्मचारियों द्वारा उपस्थित नहीं होने पर एस्मा अंतर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु दो सूचना के माध्यम से सूचित किया गया है। तत्पश्चात् भी अधिकारी – कर्मचारियों द्वारा कार्य पर उपस्थित नहीं होने के कारण छत्तीसगढ़, सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-6 एवं नियम-7
एवं छ.ग. अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम-1979) की धारा-4 की उपधारा (1) एवं (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए 296 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त किया जाता है। ये सभी स्वास्थ्य कर्मचारी बिना किसी पूर्व जानकारी के अपनी मांगो को लेकर धरने पर बैठ गए थे। जिसको लेकर आज कलेक्टर ने आदेश जारी कर इन्हे निलंबित कर दिया है।

