बलौदाबाजार : दबंगई हो तो ऐसी !… महिला विधायक ने कहा- तीन घंटे के भीतर ट्रांसफर करा दूंगी, …और तीन घंटे भी पूरे नहीं हुए कि तहसीलदार का ट्रांसफर लेटर हाथ में पहुंच गया। विधायक मैडम इसलिए तहसीलदार पर तमतमा गयी, क्योंकि उन्होंने विधायक जी के एक करीबी पर हाथ डालने की हिमाकत दिखायी थी। हद तो ये है कि जब मीडिया ने विधायक से तहसीलदार के ट्रांसफर को लेकर सवाल किया, तो मैडम जी, मीडिया पर ही भड़क गयी। मामला बलौदाबाजार के पलारी का है .. मैडम कसडोल की विधायक शकुंतला साहू है।
दरअसल हुआ यूं कि पलारी तहसीलदार नीलमणि दुबे ने बिना रायल्टी के अवैध रेत ला रहे वाहनों पर कार्यवाही की थी। आरोप है कि जिस ट्रक पर कार्रवाई की गयी, वो विधायक के करीबी का है। जाहिर है जब किसी करीबी पर कार्रवाई हुई, तो विधायक तिलमिला गयी। आरोप है कि उन्होंने गुस्से में तहसीलदार को तो भला बुरा कहा ही, तीन घंटे के भीतर तबादले की भी धमकी दे दी। खुद तहसीलदार ने मीडिया को अपनी आपबीती में बताया कि अवैध रेत परिवहन पर उसने चालानी कार्रवाई की, तो क्षेत्रीय विधायक ने तहसील ऑफिस जाकर तहसीलदार को कार्यवाही न करने और 3 घंटे में ट्रांसफर करने की धमकी दी।
विधायक की धमकी के मुताबिक तहसीलदार नीलमणि दुबे का तबादला तीन घंटे के भीतर जिला निर्वाचन कार्यालय रायपुर कर दिया गया। इस कार्रवाई पर तहसील कार्यालय में हंगामा मच गया। नाराज तहसील ऑफिस के अधिकारी कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया। इस हड़ताल का समर्थन वकील संघ ने भी किया।
…तो क्या हमलोग राजनीति छोड़ दें
तहसीलदार ने बताया कि उनके द्वारा ग्राम मोहान में नदी के बहाओ के कारण किसानों की जमीन का क्षरण होने वाले मामले के निरीक्षण में गए हुए थे, वही वापसी के दौरान रास्ते पर एक रेत से भरी हाइवा दिखी, जब हाइवा की रॉयल्टी की जांच की गई तो उसमे परिवहन हो रहे रेत अवैध पाया गया, जिस पर तहसीलदार द्वारा तुरंत कार्यवाही कर हाइवा को पंचनामा कर हाइवा को माइनिंग विभाग सुपुर्द कर दिया गया। जिसके बाद विधायक सकुंतला साहू तहसील कार्यालय में पहुंच 3 घंटे के भीतर तबादला करने की बात कही और 3घंटे के भीतर तहसीलदार का तबादला भी कर दिया गया।
जिसके विरोध में आज पलारी तहसील के तहसीलदार समेत तहसील के तमाम अधिकारी कर्मचारी बाबू कोटवार समेत अधिवक्ता संघ भी एक दिवसीय अवकाश लेकर तबादले के विरोध किया है ।वही इस पूरे मामले पर जब संसदीय सचिव एवं कसडोल विधायक शकुंतला साहू से पत्रकारों ने सवाल पूछा तो वे भड़क गई और और उल्टे पत्रकारों से ही भिड़ती नजर आयी इस का जवाब देने से बचते हुए निकलते बनी ।बरहाल इस मामले की पूरे क्षेत्र में आम जन के बीच आलोचना का माहौल है ।

