गुड़गांव:- घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया. एक नन्हा बच्चा, जिसकी दुनिया अभी स्कूल की कॉपी, पेंसिल, रंग और खेल तक सीमित थी, 1 से 50 तक गिनती नहीं लिख पाया. बस इतनी-सी बात पर पिता का गुस्सा फूटा और यह गुस्सा कुछ ही पलों में इतना बेकाबू हो गया कि बच्चे की जान चली गई. यह खबर पढ़ते समय सबसे डरावनी बात सिर्फ यह नहीं है कि एक पिता ने अपने ही बच्चे को मार डाला.
सबसे डरावनी बात यह है कि बहुत से लोग इसे यह कहकर हल्का करने की कोशिश करते हैं, गुस्से में हो गया होगा, इरादा नहीं रहा होगा, डिसिप्लिन सिखा रहा था.लेकिन, सच्चाई यह है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है. यह एक ऐसे खतरनाक पैटर्न का हिस्सा है, जो पिछले कई सालों से देश के अलग-अलग हिस्सों में बार-बार सामने आता रहा है.

