भोपाल:- मध्य प्रदेश सरकार की ‘लाडली लक्ष्मी योजना’ बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और उज्जवल बनाने के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंगानुपात में सुधार लाना और बेटियों की शिक्षा तथा स्वास्थ्य की स्थिति को बेहतर बनाना है। यह योजना न केवल बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है, बल्कि उनके शैक्षणिक सफर में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
लाडली लक्ष्मी योजना: बेटियों के लिए वरदान
लाडली लक्ष्मी योजना के तहत, मध्य प्रदेश सरकार बेटियों के नाम पर एक निश्चित राशि का निवेश करती है। योजना के अंतर्गत, बालिका के नाम पर पंजीकरण के समय से लेकर उसके 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता राशि बालिका के शिक्षण स्तर के अनुसार किस्तों में दी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए यह अनिवार्य है कि बालिका का परिवार मध्य प्रदेश का मूल निवासी हो और उसने आंगनवाड़ी केंद्र में पंजीकरण कराया हो।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले प्रमुख लाभ
इस योजना के लाभों को बालिका की आयु और उसकी कक्षा के आधार पर विभाजित किया गया है। जब बालिका कक्षा 6वीं में प्रवेश लेती है, तो उसे ₹2,000 की राशि दी जाती है। इसके बाद कक्षा 9वीं में प्रवेश पर ₹4,000, कक्षा 11वीं में ₹6,000 और 12वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर फिर से ₹6,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। सबसे बड़ी सहायता तब मिलती है जब बालिका 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेती है और उसने 18 वर्ष से पूर्व विवाह न किया हो; ऐसे में उसे एकमुश्त ₹1 लाख तक की राशि (पुराने नियमों के अनुसार) या संशोधित प्रावधानों के तहत लाभ दिया जाता है।
आवेदन की प्रक्रिया: ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया काफी सरल और पारदर्शी बनाई गई है।
इच्छुक अभिभावक ‘लाडली लक्ष्मी पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से या लोक सेवा केंद्र (CSC), इंटरनेट कैफे से भी आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है।
आवेदन के साथ बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड), निवास प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है।
योजना के अंतर्गत मिलने वाले प्रमुख लाभ
इस योजना के लाभों को बालिका की आयु और उसकी कक्षा के आधार पर विभाजित किया गया है। जब बालिका कक्षा 6वीं में प्रवेश लेती है, तो उसे ₹2,000 की राशि दी जाती है। इसके बाद कक्षा 9वीं में प्रवेश पर ₹4,000, कक्षा 11वीं में ₹6,000 और 12वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर फिर से ₹6,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। सबसे बड़ी सहायता तब मिलती है जब बालिका 21 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेती है और उसने 18 वर्ष से पूर्व विवाह न किया हो; ऐसे में उसे एकमुश्त ₹1 लाख तक की राशि (पुराने नियमों के अनुसार) या संशोधित प्रावधानों के तहत लाभ दिया जाता है।
आवेदन की प्रक्रिया: ऐसे करें रजिस्ट्रेशन
लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया काफी सरल और पारदर्शी बनाई गई है।
इच्छुक अभिभावक ‘लाडली लक्ष्मी पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से या लोक सेवा केंद्र, इंटरनेट कैफे से भी आवेदन फॉर्म भरा जा सकता है।
आवेदन के साथ बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड), निवास प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक जैसे दस्तावेज संलग्न करना आवश्यक है।
पात्रता और शर्तें
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं:
सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने चाहिए और माता-पिता ने परिवार नियोजन अपनाया हो।
यदि किसी परिवार ने बालिका को गोद लिया है, तो वह भी इस योजना का लाभ ले सकता है, बशर्ते उसके पास कानूनी दस्तावेज हों।
आवेदन स्वीकृत होने के बाद, सरकार की ओर से बालिका के नाम पर एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जो भविष्य में राशि निकासी के समय काम आता है।

