बढ़ते बच्चों को शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है. लंबाई बढ़ाने के लिए कैल्शियम, वजन बढ़ाने के लिए प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है. इसी तरह अन्य पोषक तत्वों की तरह आयरन भी बच्चों के लिए बेहद जरूरी है. जैसे कि हम सभी जानते हैं कि आयरन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है. यह हीमोग्लोबिन के निर्माण में मदद करता है. आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है. वहीं, आयरन बच्चों के विकास और संज्ञानात्मक कार्य के लिए भी बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. भारत समेत कई देशों में बहुत से लोग आयरन की कमी से जूझते हैं. ऐसे में कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन और नियोनेटल स्पेशलिस्ट डॉ. पवन मंडाविया ने अपने इंस्टाग्राम ऑफिशियल आईडी के जरिए बच्चों को आयरन की कमी से कैसे बचाया जाए, इसका विकल्प सुझाया है
बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं. बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सभी पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल्स जरूरी हैं. अक्सर, एक या दो पोषक तत्वों की कमी भी बच्चों के विकास में बाधा बन जाती है. आयरन ऐसा ही एक महत्वपूर्ण मिनरल है. इसकी कमी बच्चों के स्वास्थ्य को कई तरह से प्रभावित कर सकती है. साथ ही, आयरन की कमी से फेफड़ों से शरीर के अन्य अंगों तक रक्त की आपूर्ति भी बाधित हो सकती है. आयरन का स्तर कम होने से शरीर के अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है और इस स्थिति को एनीमिया कहते हैं. छोटे बच्चों में एनीमिया होना खतरनाक हो सकता है.
कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन और नियोनेटल स्पेशलिस्ट पवन मंडाविया ने बताया है कि बच्चों में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए क्या करना चाहिए. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बच्चों में आयरन बढ़ाने वाला एक सूप शेयर किया है.आइए जानते हैं कि वह सूप क्या है और इसे कैसे बनाया जाता है.
बच्चों में आयरन की कमी के लक्षण
बच्चों में आयरन की कमी के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है.
थकान:एनर्जी की कमी या आसानी से थकान महसूस होना.
भूख न लगना:यह आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया का संकेत है. अगर आपका बच्चा बार-बार भूख न लगने की शिकायत करता है, तो सावधान हो जाइए.
पीली त्वचा:होंठ, मसूड़े, पलकें या नाखून पीले दिखाई देते हैं.
सिरदर्द:माइग्रेन मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने के कारण होता है.
बार-बार संक्रमण:आयरन की कमी के कारण बच्चों को बार-बार संक्रमण होने का खतरा रहता है.
व्यवहार संबंधी समस्याएं:बच्चा सामान्य से अधिक चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो जाता है.
बच्चों में आयरन की कमी पूरी करने के लिए सूप
डॉ. पवन मंडाविया कहते हैं कि भारत में लगभग 60 फीसदी बच्चों में आयरन की कमी है. कई डॉक्टर आयरन की कमी को दूर करने के लिए आयरन युक्त सिरप देते हैं, लेकिन आयरन सिरप कड़वा होता है. इस वजह से बच्चे इसे लेने से कतराते हैं. इसीलिए डॉ. पवन ने एक ऐसा सूप सुझाया है जिसे बच्चे पीना या खाना पसंद करेंगे.
डॉक्टर द्वारा सुझाई गई सूप रेसिपी
आयरन से भरपूर सूप बनाने के लिए, सबसे पहले गाजर, चुकंदर और लहसुन लें. गाजर और चुकंदर को बराबर-बराबर काट लें. फिर इन टुकड़ों को लहसुन की कलियों के साथ कुकर में डालकर नरम होने तक पकाएं. फिर इस मिश्रण की एक चिकनी प्यूरी तैयार करें. इसमें एक चम्मच मक्खन मिलाएं लीजिए, आयरन से भरपूर एक स्वादिष्ट सूप तैयार है. अगर आप इसे बच्चों को पिलाएंगे, तो उन्हें पर्याप्त आयरन मिलेगा.
इस सूप के फायदे
गाजर और चुकंदर में कई पोषक तत्व होते हैं. हालांकि, इनमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है. डॉक्टरों के अनुसार, इससे बच्चों का हीमोग्लोबिन बढ़ता है. इसके अलावा, यह सूप बच्चों को प्रोटीन और विटामिन प्रदान करता है. इससे बच्चों का एनर्जी लेवल हाई रहता है. जिससे बच्चों में दिन भर एनर्जी बनी रहती है. यह वजन बढ़ाने में भी मदद करता है.

